मुरादाबाद जिले के बहापुर बलिया गांव में मंगलवार की सुबह तेंदुए ने पति के सामने ही महिला को मार डाला। मृतका का बेटा एटा में सिपाही है। 22 दिन के भीतर तेंदुए के हमले में तीसरी महिला की माैत से क्षेत्रवासी खाैफजदा हैं। पहले तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना और फिर 18 अगस्त को बहापुर बलिया में तेंदुए ने महिला को मार डाला था।
एकबार फिर बहापुर बलिया में मंगलवार को हुई घटना ने वनविभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दहशतजदा क्षेत्रवासी भी कह रहे हैं कि आखिर वे कब तक वे तेंदुए का शिकार होते रहेंगे। ठाकुरद्वारा के गांव बहापुर बलिया में तेंदुए ने धान के खेत में पशुओं के चारे के लिए घास निकाल रहीं मिथलेश देवी (45) पर घात लगाकर हमला कर दिया।
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ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का खाैफ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस दाैरान मिथलेश देवी के पति बृजपाल सिंह सैनी समेत गांव के ही दीवान सिंह, जॉनी, नन्हे सिंह, दिनेश सिंह और गीता देवी भी आसपास माैजूद थे। महिला की चीख सुनकर सभी लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े लेकिन उनके सामने ही तेंदुए ने मिथिलेश को मार डाला और फिर भाग खड़ा हुआ। वहीं, मिथिलेश के साथ काम कर रहीं पुष्पा देवी तेंदुए को देखकर बेहोश हो गईं।
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ठाकुरद्वारा में पकड़ा गया तेंदुआ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्हें ग्रामीण घर ले गए, जहां करीब दो घंटे बाद होश आया। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि हर माैत के बाद वन विभाग पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने का भरोसा देता है लेकिन हमले थम नहीं रहे हैं। खेतों में काम करने जाना अब मौत को न्योता देने जैसा है। किसान और महिलाएं तेंदुए के डर से खाैफजदा हैं लेकिन खेती का काम रोकना भी संभव नहीं है।
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा इलाके में तेंदुए का आतंक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना की सूचना पर डीएफओ डॉ. विनय कुमार सिंह, रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत वन विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। बामुश्किल लोगों को समझाकर शांत कराया गया। शाम को मिथलेश देवी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दाैरान बेटी कांता सैनी और स्वाती तथा सिपाही बेटे रोहित कुमार समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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ठाकुरद्वारा इलाके में लगाया गया पिंजरा
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एक माह के भीतर तीसरी घटना
खास बात यह है एक माह के भीतर तेंदुए ने तीनों महिलाओं को ही निशाना बनाया है। बहापुर बलिया गांव में तेंदुए के हमले से यह दूसरी महिला की मौत है। इससे पहले 18 अगस्त को इसी गांव में ब्रह्मो देवी (60) को तेंदुए ने मार डाला था। उस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर पथराव भी कर दिया था। इससे पहले तीन अगस्त को गांव लालापुर पीपलसाना में संतोष देवी को तेंदुए ने मार दिया था।