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संभल हिंसा: अब्बू कब आएंगे... 8 साल की सहर अम्मी से पूछ रही ये सवाल; जिंदगीभर का दर्द दे गया पांच मिनट का बवाल

Tue, 26 Nov 2024 03:19 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 26 Nov 2024 03:19 PM IST
सार

संभल में जामा मस्जिद के पास हुई हिंसा में पांच की जान चली गई। इसमें चार की मौत गोली लगने से हुई। पुलिस और परिजन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोली किस ओर से चली। इस घटना ने कई परिवारों को जीवनभर का दर्द दे दिया है।

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Sambhal Violence Update A five-minute riot caused lifelong pain to five families News in Hindi
Sambhal Violence - फोटो : अमर उजाला
संभल की जामा मस्जिद के पास हुए बवाल में जो कुछ हुआ उसे खबरों व सोशल मीडिया के जरिये सबने देखा। अब इस बवाल के बाद जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनका दर्द देख पाना किसी के लिए आसान नहीं है। घंटों चले बवाल के दाैरान हुई पांच मिनट की गोलीबारी पांच परिवारों को जिंदगीभर का दर्द दे गई। तमाम तरह के आरोपों के बीच एक पहलू यह भी है कि किसी बूढ़ी मां को अपने बेटे व किसी मासूम को अपने पिता का इंतजार है। बदहवास परिजन दरवाजे की ओर दौड़े जा रहे हैं कि हमारा अपना अब आता ही होगा। पड़ोसी, रिश्तेदार उन्हें दिलासा दे रहे हैं, लेकिन रो-रोकर पथराई आंखें अब भी यह मानने को तैयार नहीं कि उनका इंतजार कभी खत्म नहीं होगा।
Sambhal Violence Update A five-minute riot caused lifelong pain to five families News in Hindi
संभल बवाल में जान गंवाने वाले युवकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला

सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा कैफ का फोटो नहीं पहचान पाए परिजन
मोहल्ला तुर्तीपुरा निवासी मो. कैफ (17) का मरणासन्न अवस्था में एक फोटो रविवार को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इसमें टी-शर्ट व जींस पहने एक लंबा सा युवक पत्थरों के बीच जमीन पर मृत पड़ा है। उसकी टी-शर्ट पर सीने के पास खून के धब्बे हैं, लेकिन चेहरा स्पष्ट नहीं दिख रहा है। बवाल के बाद यह फोटो सोशल मीडिया के जरिये कैफ के परिजनों के पास भी पहुंचा, लेकिन वह पहचान नहीं पाए कि यह हमारा ही बच्चा है। परिजनों के मुताबिक सुबह 8:30 बजे कैफ प्लास्टिक के आइटम लेकर फेरी लगाने निकला था। शाम को उसके चचेरे भाई फरदीन के पास फोन आया कि गोली लगने से कैफ की मौत हो गई है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई है। कैफ के मामा वसीम ने बताया कि देर रात कैफ का शव घर पहुंचा और थोड़ी दार बाद ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। वह अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। परिजनों के मुताबिक उसकी मां लंबे समय से बीमार हैं, अब जवान बेटे की मौत का उन्हें गहरा सदमा लगा है।

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संभल बवाल में जान गंवाने वाले युवकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला

बुलेट पर आ जाओ मेरे लाल... आवाज लगाकर दौड़ पड़ती हैं नईम की मां 
जामा मस्जिद से महज 500 मीटर दूर मोहल्ला कोट गर्वी के तबेला इलाके में नईम (35) का घर है। रविवार को बवाल के बीच गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। देर रात दफन भी हो चुका है, लेकिन रो-रोकर उनकी मां बदहवास हो गई हैं। वह अपना नाम तक नहीं बता पा रही हैं। हर पांच मिनट बाद बेटे को आवाज लगाते हुए दरवाजे की ओर दौड़ पड़ती हैं। कहती हैं ‘मेरे लाल... बुलेट पर आ जाओ। तुझे गए पूरे 24 घंटे हो गए हैं। मेरे बच्चे, तूने रोटी भी नहीं खाई है।’ परिजनों के मुताबिक नईम अपने घर से रोज की तरह अपनी मिठाई की दुकान पर गए थे, फिर शव वापस आया। बदहवास मां कहती हैं कि यह कैसा कारोबार हो गया बेटे, तूने अब तक दुकान बंद नहीं की। मृतक के भाई तसलीम ने बताया कि नईम के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे व एक बेटी है। तीनों की उम्र आठ साल से कम है।

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संभल बवाल में जान गंवाने वाले युवकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला

अम्मी से पूछ रही आठ साल की सहर... अब्बू कब आएंगे 
मोहल्ला हयातनगर निवासी रोमान (50) कपड़ों की फेरी लगाने का काम करते थे। परिजनों ने बताया कि रोज की तरह सुबह आठ बजे वह फेरी लगाने घर से निकले थे। जामा मस्जिद के पास मोहल्ला कोट पूर्वी में उनकी ससुराल है। दोपहर 12 बजे वहां से फोन आया कि रोमान अब नहीं रहे। उनके छोटे भाई नोमान व रिजवान बदहवास हालत में वहां पहुंचे। नोमान ने बताया कि भाई के चेहरे पर चोट लगी थी, जैसे वह गिर गए हों। परिजनों को आशंका है कि भगदड़ में वह गिर गए और चोटिल हो गए। किसी ने उन्हें उठाकर उनकी ससुराल तक पहुंचाया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। नोमान ने बताया कि रोमान के तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा अदनान 22 वर्ष का है, जो मजदूरी करता है। दो बेटे उजैर व हस्सान भी हैं। सबसे छोटी बेटी सहर आठ साल की है। वह अपनी मां से बार-बार रोकर पूछ रही है कि अब्बू कब आएंगे। परिजनों ने रात में ही उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।

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संभल बवाल में जान गंवाने वाले युवकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला

15 साल पहले पति खोया अब जवान बेटे की मौत
25 गज के घर में रिश्तेदारों की की भीड़ है, लेकिन नफीसा की निगाहें अपने लाल अयान को ही ढूंढ रही हैं। 15 साल पहले पति को खोने का गम जैसे-तैसे हल्का हुआ था कि अब बेटे की माैत से वह फिर टूट गईं। बवाल में अपना 17 साल का बेटा खोने वाली नफीसा का दर्द शायद ही कोई समझ सके। कोट गर्वी के मोहल्ला अब्बासी निवासी अयान के चचेरे भाई आकिब ने बताया कि अयान के पिता रिक्शा चलाते थे। बीमारी के चलते करीब 15 साल पहले उनका इंतकाल हो गया था। उस वक्त अयान करीब दो साल का था। अयान अपने भाई कामिल के साथ होटल पर रोटी बनाने का काम करता था। अयान की बहन रेशमा और नाजिया की शादी हो चुकी है। रविवार सुबह वह घर पर ही था। पता नहीं कब जामा मस्जिद पहुंच गया। फिर उसके जख्मी होने की सूचना आई। इलाज के दाैरान मुरादाबाद के निजी अस्पताल में अयान की माैत हो गई। 

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