संभल में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर रविवार को करीब पांच घंटे के बवाल के दूसरे दिन दहशत के बीच लोगों में गम, गुस्सा और बेबसी नजर आई। जामा मस्जिद से नखासा और हिंदूपुरा खेड़ा तक सन्नाटा पसरा रहा। चौक-चौराहों पर अधिकतर पुलिसकर्मी ही दिखे। इन सबके बीच कहीं गोली के निशान तो कहीं राख से काली हुई सड़कें और दीवारें बवाल की कहानी बयां कर रही थीं। जान गंवाने वालों के परिजन व आम लोग भी सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बचते रहे। बवाल वाले क्षेत्रों से सैकड़ों लोग घरों पर ताला लगाकर अपने रिश्तेदारों के घर चले गए।
2 of 11
संभल के नखासा में पसरा सन्नाटा
- फोटो : संवाद
संभल की जामा मस्जिद से करीब आठ सौ मीटर की दूरी पर मोहल्ला कोट गर्वी तबेला में मिले इरशाद बेबस नजर आए। बवाल पर सवाल किया तो कुछ देर तक खामोश रहे, लेकिन बाद में इशारा करते हुए तिराहे पर ले गए। वहां निहाल के किराने की दुकान के शटर पर लगी गोली के निशान को हाथ उठाकर दिखाया।
3 of 11
Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
वहीं रोडवेज में कंडक्टर रिजवान के मकान के बाहर की खिड़की के टूटे शीशे की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि इसे भी देखिए। इसके बाद कुछ कहने की जरूरत नहीं है। बवाल में मेरे भांजे नईम की मौत हो गई। उसके चार बच्चे हैं। रविवार की सुबह हंसते मुस्कुराते अपनी मिठाई की दुकान पर गया था। शाम को कफन में लिपटा घर लौटा।
4 of 11
Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
सरायतरीन के झालीजामन वाली गली में युवाओं की भीड़ दिखी। सभी के चेहरे पर गम और गुस्सा साफ झलक रहा था। युवाओं की भीड़ के बीच यही सवाल उठ रहे थे कि मोहल्ले के मोहम्मद बिलाल को क्यों मार दिया गया। उसका क्या कसूर था। इनके बीच खड़े बिलाल के भाई अलीम ने बेबसी के साथ कहा कि हमें इंसाफ चाहिए।
5 of 11
Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
मोहल्ला तुर्तीपुरा की संकरी गली के मोड़ पर अजान लोगों की एंट्री होने पर महिलाएं घरों की खिड़कियों से झांकने लगीं। जान गंवाने वाले कैफ के मामा घर के बाहर खड़े मिले। उन्होंने बताया कि जामा मस्जिद के पास कैफ को उसकी मौत खींच ले गई। पोस्टमार्टम कराने के समय पुलिस ने उसकी मौत की सूचना दी। कुछ ऐसी ही गम, गुस्सा और बेबसी की तस्वीर आम लोगों के बीच से भी उभरकर सामने आई।