सांसद आजम खां के खास सिपहसलारों में गिने जाने वाले पूर्व सीओ आले हसन की कभी रामपुर में तूती बोला करती थी। उनकी गिनती आजम खां के खास सिपहसलारों में होती थी। भले ही वो सीओ सिटी के पद पर तैनात थे लेकिन दबदबा इतना था कि उनके सीनियर अधिकारी उनको साहब कहकर संबोधित किया करते थे। आले हसन आजम खां के इतने करीब थे कि सीओ सिटी के पद से सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने उनकी जौहर यूनिवर्सिटी में मुख्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में काम करना शुरू कर दिया।
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पूर्व सीओ आले हसन गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
आले हसन का रामपुर से काफी पुराना ताल्लुक है। वो रामपुर के मूल निवासी तो नहीं है, लेकिन पूरे जिले में उनकी पहचान है। उनकी तैनाती यहां दरोगा से लेकर सीओ के पद पर रही है। प्रदेश में जब भी सपा की सरकार होती थी, आले हसन की तैनाती रामपुर में होती थी।
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पुलिस की गिरफ्त में पूर्व सीओ
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चाहे वह दरोगा हों, इंस्पेक्टर या फिर सीओ। पिछली सपा सरकार में आले हसन इंस्पेक्टर के रूप में आए थे। उनकी तैनाती सिविल लाइंस कोतवाल के रूप में हुई थी। इसके बाद उनको सीओ के पद पर पदोन्नति मिल गई थी और सेवानिवृत होने तक वो सीओ सिटी बने रहे।
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पुलिस की गिरफ्त में पूर्व सीओ
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आले हसन पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक दबाव में कई लोगों पर कार्रवाई की थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद आजम खां के साथ-साथ आले हसन ही सबसे अधिक विरोधियों के निशाने पर थे।
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जिस थाने के थे कोतवाल उसी की हवालात में हुए बंद
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जिस थाने के थे कोतवाल उसकी हवालात में हुए बंद
सिविल लाइंस कोतवाल के रूप में आले हसन ने कई लोगों को हवालात की हवा खिलाई थी। सोमवार को पुलिस ने उन्हें कोतवाली की उसी हवालात रखा, जिसके वो कोतवाल रह चुके हैं। उनका निवास भी कोतवाली की ऊपरी मंजिल पर था। सीओ बन जाने के बाद भी वो सिविल लाइंस कोतवाली के आवास में रहे थे।