कोरोना काल के बीच लड्डू गोपाल के जन्म का उत्सव भी पूरे उल्लास के साथ मनाया जाएगा। लोगों ने प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए घरों में रहकर ही जन्माष्टमी मनाने की तैयारी की है। मंदिरों की ओर से भी ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की गई है। इस्कॉन की ओर से ऑनलाइन दर्शन कराए जाएंगे। मंदिरों से प्रसाद वितरण न होकर घर-घर प्रसाद वितरण किया जाएगा।
आज जन्मेंगे लड्डू गोपाल, घर-घर बंटेगे लड्डू, ऑनलाइन होंगे कन्हाजी के दर्शन
कृष्ण जन्म को लेकर तैयारियां पूरी हैं। मंदिरों में सजावट तो हो रही है और रंग-बिरंगी रोशनी में भी बांके बिहारी की अनुपम छटा बिखरेगी, लेकिन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को मंदिर आने की अनुमति नहीं है। भक्तों को कान्हाजी के दर्शन आनलाइन कराए जाएंगे। पदाधिकारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल की वजह से पूरी तरह शारीरिक दूरी का पालन किया जाएगा। दिल्ली रोड स्थित राधा-कृष्ण मंदिर को रंग-बिरंगी झालरों के अलावा फूलों और गुब्बारों से सजाया जा रहा है।
समिति के सचिव विकास अग्रवाल ने बताया कि फूलों को दिल्ली से मंगवाया गया है। डेढ़ क्विंटल गेंदा के फूल और पांच सौ माला रजनीगंधा के फूलों की हैं। भले ही मंदिर में श्रद्धालु नहीं आएंगे, लेकिन कान्हाजी के स्वागत में कोई कमी नहीं रहेगी। मंगलवार सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोक दिया जाएगा। मंगलवार रात 12 बजे लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव होगा। उसके बाद आरती की जाएगी। सबको कृष्ण जन्म की शुभकामनाएं देते हुए फलाहार से व्रत खोला जाएगा। बुधवार को भजन कीर्तन के संग बधाई गाई जाएंगी। पंचामृत का प्रसाद बनाया जा रहा है।
श्री बांके बिहारी ऊंचाकानी ग्राम संभल रोड के सचिव सुरेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि मंदिर में इस बार कोविड 19 की वजह से कोई आयोजन नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को रुद्राभिषेक कर कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं को बुलाया नहीं जाएगा। मंदिर में सजावट की जाएगी। पुरोहित पंडित गोपाल दत विधि-विधान से पूजन करेंगे। समिति के पदाधिकारी जन्मोत्सव के समय मौजूद रहेंगे। बाकी श्रद्धालुओं के घर में कृष्ण जन्म का प्रसाद भिजवाया जाएगा। कांठ रोड पर रामगंगा विहार, दीनदयाल नगर, आशियाना में समिति के सभी पदाधिकारियों को प्रसाद दिया जाएगा। राधा-कृष्ण मंदिर पुलिस लाइन के महंत पंडित अंबरीश पांडेय ने बताया कि वैष्णव श्रद्धालु सप्तमी का व्रत नहीं रखते हैं और मंगलवार को अष्टमी तिथि उदया नहीं है। यदि रोहिणी नक्षत्र आता तो मनाई जाएगी, लेकिन यह संयोग नहीं होने की वजह से बुधवार को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मंदिर को फूलों से सजावट की जा रही है। साफ-सफाई और रंगाई-पुताई हो गई है। पुलिस लाइन, पीटीसी के बीच में मंदिर है।
आस-पास के क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के काफी मामले होने की वजह से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक है। मंदिर में सिर्फ अधिकारी ही पूजन के लिए आएंगे। कसार का प्रसाद और चरणामृत बनवाया जाएगा, जो उपस्थित श्रद्धालुओं में ही वितरित किया जाएगा। श्री मनोकामना मंदिर रेलवे कालोनी के सचिव बिल्लु कत्याल ने बताया कि कोविड 19 की वजह से पदाधिकारी भी मंदिर नहीं जाएंगे। महंत पंडित हरिदत्त शास्त्री रात को आरती कर भोग लगाएंगे। चरणामृत का प्रसाद बनाया जाएगा। छठी का कार्यक्रम भी निरस्त कर दिया गया है। इस्कान प्रचार और आचार्य धीरशांत दास ने बताया कि ताड़ीखाना स्थित इस्कान प्रचार केंद्र के अलावा राधाकृष्ण आश्रम हरथला, श्री श्री राधा गोविंद इस्कान मंदिर सुपरटेक, श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर बुद्धि विहार में फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से भव्य सजावट की जाएगी। गुब्बारे इसकी शोभा बढ़ाएंगे। ठाकुरजी महाराज और राधारानी का सोलह शृंगारकिया जाएगा। बुधवार को सुबह से व्रत रखा जाएगा। दिनभर 25 मालाओं का जप किया जाएगा। इसमें 42 हजार दो सौ नाम जप होते हैं।