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पीतल नगरी में प्रदूषण का कहर, इस मामले में फिर पहले नंबर पर

Wed, 03 Feb 2021 03:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 03 Feb 2021 03:50 AM IST
सार

  • मंगलवार शाम एक्यूआई 441 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर पर पहुंचा 
  • गाजियाबाद दूसरे, ग्रेटर नोएडा तीसरे, नोएडा चौथे व दिल्ली पांचवें स्थान पर

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Moradabad again at number one in terms of pollution
बारादरी में भट्ठी से निकलता धुआं... - फोटो : अमर उजाला

पीतल नगरी मंगलवार को फिर देश में सर्वाधिक प्रदूषित शहर की श्रेणी में आ गई। मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) देश में सबसे अधिक 441 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। इसमें पीएम 2.5 और पीएम 10 की अधिकतम मात्रा पांच सौ और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 120 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रही। दूसरे स्थान पर गाजियाबाद का एक्यूआई 398 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। 


 

Moradabad again at number one in terms of pollution
मुरादाबाद रेलवे स्टेशन - फोटो : Social Media
प्रदूषण की रोकथाम का सवाल उठने पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारी कार्रवाई के नाम पर एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये की वजह से शहर की गलियों में धड़ल्ले से अवैध पीतल भट्ठियों का संचालन हो रहा है। 

 
Moradabad again at number one in terms of pollution
मुरादाबाद में पीलीकोठी स्थित मैथोडिस्ट चर्च के पास का हाल - फोटो : अमर उजाला/ ब्यूरो मुरादाबाद
शहर के लालबाग, पीतलनगरी, बरबलान, गलशहीद, मुगलपुरा, नागफनी, करूला आदि क्षेत्रों में करीब चार हजार अवैध पीतल स्क्रैप गलाने वाली भट्ठियों का संचालन किया जा रहा है। तंग गलियों में यहां के लोग अपने घरों में इस कार्य को कर रहे हैं। परिजनों के अलावा ठेके पर और मजदूरों से पीतल गलाने का काम करवाया जा रहा है। पीतल गलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली कोयले की भट्ठियों की गहराई तीन से चार फीट होती है। इसमें इतनी अधिक मात्रा में कोयले का इस्तेमाल किया जाता है। 

 
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Moradabad again at number one in terms of pollution
सांकेतिक चित्र - फोटो : सैफ अली खान
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्र का कहना है कि  पश्चिमी जोन के शहरों की अपेक्षा मुरादाबाद में वायु प्रदूषण सौ एक्यूआई अधिक है। अमूमन इतना अधिक अंतर नहीं आता है। अचानक हो रही इस बढ़ोत्तरी के कारणों की जांच की जाएगी। करीब छह महीने में 70 से अधिक शिकायतें अवैध पीतल भट्ठियों के संचालन की आ चुकी हैं। आवासीय क्षेत्र में संचालित गैर आवासीय गतिविधियों (औद्योगिक) को रोकने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को लगातार लिखा जा रहा है।


 
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Moradabad again at number one in terms of pollution
मुरादाबाद का पीतल उद्योग
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से मंगलवार शाम जारी की गई प्रदूषित शहरों की सूची

शहर            एक्यूआई
मुरादाबाद        441
गाजियाबाद       398
ग्रेटर नोएडा       367
नोएडा            370
दिल्ली            364
फरीदाबाद         361
नारनौल           355 
भिवाड़ी           347
बहादुरगढ़         346
लखनऊ          340
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