कोसी नदी में आई बाढ़ का पानी मूंढापांडे-रनियाठेर पुलिया के करीब चार फीट बह रहा है। इससे गदईखेड़ा, हरपाल नगर का तीसरे दिन भी आवागमन बाधित रहा। करीब 10 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इन गांवों के लोगों को जरूरी सामान भी नहीं मिल पा रहा है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व सत्यम मिश्र ने रनियाठेर का निरीक्षण कर लोगों की समस्याएं सुनीं, लेकिन अधिक पानी होने के कारण गदईखेड़ा और हरपाल नगर नहीं जा सके। भीतखेड़ा स्थित बिजलीघर में बाढ़ का पानी घुस जाने से तीसरे दिन भी आपूर्ति बाधित रही।
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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
इस बारे में एसडीओ रामनारायण राठौर ने बताया कि ट्रांसफार्मर के नीचे से पानी हट जाने के बाद अभी बिजली सप्लाई नहीं शुरू हो सकी है। मंगलवार को टेस्टिंग के बाद विद्युत आपूर्ति शुरू होगी। अभी भी दस गांवों के किसानों की फसलें डूबी हुई हैं। आवागमन, चारा, बिजली की समस्या को लेकर गांव के लोग जूझ रहे हैं।
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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव
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कोसी नदी पर बांध बनाने की मांग
जैतपुर विसाहट के जोगराज सिंह, हरपाल नगर के सर्वेश कुमार सिंह, हीरापुर के दुर्गपालसिंह, जगरंपुरा के पूर्व प्रधान देवेंद्र सिंह रनियाठेर के प्रधान विजय लक्ष्मी, अभिनाश ठाकुर का कहना है कोसी नदी पर रामपुर क्षेत्र में बांध बनाया गया है।
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मुरादाबाद के गांवों में जलभराव
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इस कारण पानी तेज बहाव के साथ मूंढापांडे क्षेत्र में आ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मूंढापांडे क्षेत्र में कोसी नदी पर बांध बनाने की मांग की है। बांध बनने से हर साल बाढ़ की तबाही से ग्रामीण बच सकेंगे।
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अब ढहने लगे मकान
बाढ़ के पानी से गल चुके कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। पानी के बहाव के चलते रनियाठेर निवासी राजेश और कुशलपाल का कच्चा मकान गिर गया। इसके अलावा मित्रपाल, राजपाल, दिनेश, गीता की दीवारें गिर गई हैं। भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष अविनाश ठाकुर ने बताया कि धान की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।