दो दिन उमस भरे मौसम के बाद मंगलवार रात बेतहाशा बादल बरसे। बुधवार दोपहर तक सात घंटे की बारिश में आधा शहर डूब गया। पॉशा कॉलोनियों और पुराने शहर के मोहल्लों के हजारों घरों में पानी भर गया। कांशीराम नगर, रामलीला मैदान, बुद्धि विहार, अवंतिका कॉलोनी, दीनदयाल नगर की सड़कें दोपहर तक पानी में डूबीं रहीं। जो स्मार्ट सिटी की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।
लाइव तस्वीरें: सात घंटे की बारिश ने मुरादाबाद के लोगों की बढ़ाई मुसीबत, भोलानाथ कॉलोनी में चलने लगी नाव
मंगलवार रात 12 बजे से बुधवार सुबह सात बजे तक लगातार बारिश होती रही। इसके कारण बुद्धि विहार सेक्टर नौ बी, सेक्टर 11, देव विहार, अवंतिका, रामगंगा विहार, दीनदयाल नगर, नवीननगर, सम्राट अशोक नगर, मानसरोवर कॉलोनी, लाइनपार, हनुमान नगर, बुधबाजार, झब्बू का नाला, इंद्रा चौक, बंगलागांव, कटघर समेत आधे शहर के मोहल्लों में पानी भर गया।
इन इलाकों के हजारों घरों में पानी था। यहां सुबह लोग घरों से पानी निकालते नजर आए। वहीं बारिश बंद होने के बाद भी बुधवार को कई मोहल्लों की मुख्य सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। मोहल्ले के लोगों का कहना था कि जलभराव का मुख्य कारण नालों का चोक होना है। जलनिकासी न होने से सड़कों पर घुटने तक पानी आ गया है।
भोलानाथ कॉलोनी में नाव बनी जीवन का सहारा
भोलानाथ कॉलोनी में मानसून की पहली बारिश के बाद पानी भर गया था। मंगलवार की रात भारी बारिश के कारण और स्थिति बिगड़ गई। पानी में एक नाव डूब गई। सुबह लोगों ने आवागमन के लिए दूसरी नाव का प्रयोग किया। कॉलोनी के रहने वाले मोंटी प्रजापति ने बताया कि रात की बारिश के कारण कमर भर पानी हो गया है।
लोग ड्यूटी आने जाने के लिए नाव का प्रयोग करते हैं। खाने के सामान की आपूर्ति भी नाव से हो रही है। कई लोगों ने कॉलोनी से हटकर शहर के अन्य स्थानों पर शरण ली है। कई घरों में पानी घुस गया है। नेता कॉलोनी के आदित्य सैनी ने बताया कि रात की बरसात के चलते लाइनपार के अधिकतर इलाके चपेट में आए हैं।
रामलीला मैदान के इर्द-गिर्द जलभराव
रामलीला मैदान के अलावा उससे सटी सड़क पर चार फीट पानी भर गया है। इस कारण आसपास के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। इसके अलावा चाऊ की बस्ती, मानसरोवर, शास्त्री नगर में पानी भर गया है। महिला अभिभावक शीतल और गायत्री ने बताया कि वे बच्चों को स्कूल लेकर आई थी लेकिन सामने पानी भरने के कारण बच्चों को लेकर घर चली आई।