तनाव कब अवसाद में पहुंच गया, ये पता भी नहीं चला। यूपीएससी के इंटरव्यू में एक दो नहीं पूरे चार बार फेल हुए। असफलता पर नाते रिश्तेदारों के ताने मिले, कहा गया कि यूपीएससी न सही कोई छोटी मोटी परीक्षा पास करके सरकारी नौकरी कर लो। फिर लेखपाल और अमीन की परीक्षा में बैठे, लेकिन यहां भी असफलता ही हाथ लगी। इसके बाद तो ऐसा लगा कि अब सब कुछ खत्म हो गया। मन में तरह-तरह के विचार आने लगे। लेकिन दिमाग में सफलता की उम्मीद बरकरार थी।
Success Story: असफलताओं ने सफलता के लिए उकसाया तो संदीप बने आईपीएस, अब युवाओं को दिखा रहे कामयाबी की राह
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मुरादाबाद देहात की संभाल रहे कानून व्यवस्था
जिस तानों और असफलता से बच्चे आत्महत्या तक कर लेते हैं, उन्हीं तानों और असफलताओं ने सफलता के लिए उकसाया। पहले अवसाद को हराया और फिर शून्य से शुरुआत कर 2017 में यूपीएससी की परीक्षा पास की। आज इसी शख्स के हाथों में मुरादाबाद देहात क्षेत्र की कानून व्यवस्था है। जी हां ये संघर्ष की दास्तान एसपी देहात संदीप कुमार मीना (आईपीएस) की है। जो अवसाद के शिकार होकर आत्मघाती कदम उठाने वालों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
तनाव दूर करने को पढ़ीं सफल लोगों की कहानियां
जो व्यक्ति चार बार यूपीएससी की परीक्षा में इंटरव्यू तक पहुंचा हो और वही व्यक्ति लेखपाल और अमीन की परीक्षा पास न कर पाए। आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं, उस वक्त मेरी मानसिक स्थिति क्या रही होगी। लगातार असफलताओं ने अंदर तक झकझोर दिया। तनाव में रहने लगा। मन में गलत विचार आने लगे। तब मैंने सोचा जिन आंखों (मां-बाप) ने मेरी सफलता के सपने संजोए हैं। उनके सामने लाश बनकर नहीं जाना है।
गंगाजल फिल्म से हुए प्रभावित
मैंने बार-बार अपने परिवार के बारे में सोचा। अगर मैंने कोई गलत कदम उठा लिया तो उन लोगों को फिर से कहने का मौका मिला जाएगा जो मेरे मां बाप से कहते थे कि अफसर तो छोड़िए आपका बेटा चपरासी भी बन जाए तो बड़ी बात होगी। मैंने सफल लोगों की कहानियां पढ़ीं। जिससे मुझे ऊर्जा मिली। फिल्म सरफरोश में अभिनेता आमिर खान और गंगाजल में अजय देवगन को आईपीएस अफसर दिखाया गया था, जिससे मैं बहुत प्रभावित हुआ था।
पढ़ाई के दौरान आए उतार चढ़ाव
यूपीएससी परीक्षा 2017 में 852वीं रैंक हासिल करने वाले संदीप कुमार मीना राजस्थान के दौसा जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता जितेंद्र कुमार मीना किसान हैं, जबकि मां मीरा गृहिणी हैं। तीन छोटी बहनें हैं। संदीप ने दौसा के भगवती विद्या मंदिर स्कूल में कक्षा एक से दसवीं तक पढ़ाई की। दसवीं में उन्होंने मेरिट हासिल की। जयपुर में रहकर 11वीं, 12वीं और स्नातक की पढ़ाई की।