मुरादाबाद शहर में जीआईसी, हैविट मुस्लिम इंटर कॉलेज, मुस्लिम डिग्री कॉलेज, एलीगेंट स्कूल, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, एमडी इंटर कॉलेज, एमएस कॉलेज, मुरादाबाद पब्लिक स्कूल, वीके पब्लिक स्कूल आदि मुस्लिम बहुल मतदाताओं वाले बूथ रहें। यहां महिला मतदाताओं की भागीदारी भी पुरुषों से कम नहीं रही।
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मुरादाबाद में वोट देने के बाद मतदाता
- फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम महिलाएं अपने मुद्दों पर खुलकर बोलती नजर आईं। उन्होंने कहा कि हमारा वोट बेटियों की शिक्षा के मुद्दे पर है। जो भी सरकार आए, हमारी उससे यही मांग है कि बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएं, जिससे आने वाली पीढ़ी हमसे ज्यादा काबिल हो सके।
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मुरादाबाद में वोट देने के बाद मतदाता
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पहली बार मतदान करने पहुंची गुलफ्शा ने कहा कि मतदान करके खुशी का अनुभव हुआ। वहीं तीन तलाक पर कानून के सवाल का मुस्लिम महिलाओं ने इशारे में जवाब दिया। कहा कि जो हुआ, वह सही है। इसके बाद बोलीं कि यह पुरानी बातें हैं और हमारे पुरखों की बातें हैं इसलिए इस मुद्दे पर बात नहीं करेंगी। हालांकि महिलाओं ने अच्छी संख्या में बूथों पर पहुंचकर यह स्पष्ट कर दिया कि उनके अपने मुद्दे हैं। जिनके आधार पर वह सरकार का चुनाव कर रही हैं।
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मुरादाबाद में वोट देने के बाद मतदाता
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गांवों की महिलाओं में फ्री राशन का दिखा प्रभाव
पीतलबस्ती के देवापुर कल्याणपुर, मझोला के मनोहरपुर में वोट करने पहुंचीं महिलाओं ने फ्री राशन को बड़ा मुद्दा बताया। देवापुर की पूजा ने कहा कि वोट देने से बड़ा फायदा है। उनकी फैक्टरी में काम धंधा धीमा चल रहा है।
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मुरादाबाद में वोट देने के बाद मतदाता
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बच्चों की पढ़ाई का ही खर्च इतना है कि मुश्किल से घर चल पाता है। ऐसे में सरकारी राशन से कम से कम खाने की चिंता तो नहीं रहती। हमारे घर में छह सदस्य हैं, इसलिए 30 किलो राशन हर माह मिल जाता है। सब्जी गांव में सस्ती मिल जाती है, बाजार से सिर्फ दालें और मसाले लाने पड़ते हैं।