वो बारह घंटे: भानू को अगवा करने वाले अपराधियों ने बयां की पूरी कहानी, बोले- मां की तरह रखा ख्याल
नीटू ने बताया शुक्रवार रात एक बजे भानू को उन्होंने अगवा किया था। उस वक्त वह गहरी नींद में सो रहा था। कल्लू के घर से निकलने के बाद गांव से बाहर पहुंचा और बाइक पर बैठकर से मुरादाबाद पहुंच गया।
विस्तार
डेढ़ लाख रुपये के लालच में अपने ही चचेरे भाई के तीन माह के बेटे को अगवा करने वाले नीटू, उसके साले और दोस्तों ने उन बारह घंटों की कहानी बयां की। जब वो भानू को लेकर इधर उधर घूम रहे थे। नीटू ने बताया शुक्रवार रात एक बजे भानू को अगवा किया था। उस वक्त वह गहरी नींद में सो रहा था। कल्लू के घर से निकलने के बाद गांव से बाहर पहुंचा और बाइक पर बैठकर से मुरादाबाद पहुंच गया। नीटू, विनीत, धनपाल और शिशुपाल उर्फ पंडित ने बताया कि मुरादाबाद पहुंचने तक भानू नहीं जागा था। उसे नीटू के कमरे में रखा गया था। सुबह होने पर भानू जाग गया। वह तेज तेज से रोने लगा। तब नीटू ने ही उसे गले लगाकर शांत कराया। इसके बाद भानू को भूख लगी तो उसे दूध पिलाया गया।
आधार कार्ड मांगने पर खुला राज
नीटू ने दंपती को बचाया था कि उसके भाई के पांच बच्चे हैं। वो उन्हें पाल नहीं पा रहा है। इसलिए उन्होंने अपनी खुशी से बच्चा किसी को गोद लेने का निर्णय लिया है। तब दंपती ने मां बाप का आधार कार्ड मांग लिया लेकिन आरोपी आधार कार्ड नहीं दिखा पाए। शक होने पर दंपती से बच्चा लेने से साफ इनकार दिया। इसके बाद आरोपी बच्चे को लेकर कहीं दूसरी जगह जाने लगे थे। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे के बीच पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबोच लिया।
इसलिए अगवा किया भानू
गदईखेड़ा निवासी कल्लू के पांच बेटे शिवा(12), दीपक(10), विष्णु(6), राजा (4)और भानू(तीन माह) हैं। नीटू ने पुलिस पूछताछ में ये भी बताया कि उसने भानू को ही क्यों अगवा करने की योचना बनाई थी। आरोपी ने बताया कि कल्लू के पास पांच बेटे हैं। उसे लगा कि अगर कल्लू का एक बच्चा गायब भी हो जाएगा तो वह उसकी तलाश में ज्यादा दौड़ भाग नहीं करेगा।
ग्रामीणों को नीटू पर गया शक
मुख्य आरोपी नीटू एकता कालोनी में रहकर फैक्टरी में काम कर रहा था लेकिन पांच माह से उसने काम भी छोड़ दिया था। अब उसे पैसों की जरूरत थी। इसके लिए उसने बच्चा अगवा करने की योजना बनाई थी। दो दिन पहले वह अपने पैतृक गांव गया था। इस दौरान उसने कल्लू के घर कई चक्कर लगाए। वो बार बार कल्लू के बच्चों की चर्चा कर रहा था। शुक्रवार रात बच्चे के अपहरण की खबर गांव में फैली तो ग्रामीण कल्लू के पहुंच गए लेकिन नीटू नहीं पहुंचा। उसके घर जाकर देखा तो वह अपने घर में भी मौजूद नहीं था। इसके बाद नीटू की तलाश शुरू की गई। नीटू ने गांव में भी कई लोगों से चर्चा की थी कि कल्लू के पास पांच बेटे हैं। अगर वो एक बेटा मेरे कहने पर किसी को गोद दे देगा तो वह उसे उसकी मोटी रकम दिलवा देगा।
पुलिस के प्रयास से मिल गया मेरा लाल
बारह घंटे बाद बेटे को पाने वाले वाली मां आरती और कल्लू को भी अफसरों ने प्रेस वार्ता में बुलाया। यहां महिला भावुक हो गई। उसने कहा कि पुलिस के प्रयास से बेटा मिल गया, वरना हम तो उम्मीद ही छोड़ चुके थे। एसएसपी हेमंत कुटियाल और एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने कल्लू और आरती को फलों की एक टोकरी भेंट की।
पुलिस टीम को पचास हजार का इनाम
डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि बच्चे की बरामदगी को सीओ हाईवे देश दीपक सिंह के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया गया था। सभी टीमों ने कड़ी मेहनत कर बच्चे को सकुशल बरामद किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम को पचास हजार रुपये देने का एलान किया गया है।
भानू तो मिला हमारी नैन्सी और अयान भी ढुंढवा दो साहब!
मूंढापांडे के गदईखेड़ा गांव से अगवा किए गए भानू को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पाकबड़ा से लापता अयान और कुंदरकी के बाहपुर गांव निवासी नैंसी का अब तक सुराग नहीं लग पाया है। बेटी और बेटे को खोने वाले परिवार परेशान हैं। उन्होंने अफसरों से गुहार लगाई कि वो अपने बेटे और बेटी को भी इसी तेजी से ढूंढवा दें। जिससे उनकी टीम ने भानू को खोज निकाला।
कैलसा रोड स्थित बिलाल मस्जिद मोहल्ला निवासी इरशाद अली का सबसे छोटा बेटा अयान( 5) मंगलवार सुबह दस बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वह लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। शनिवार देर रात तक भी पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
कुंदरकी के बाहपुर निवासी राजेश कुमार तीन साल की बेटी नैंसी शुक्रवार की देर शाम घर के बाहर खेल रही थी। उस वक्त उसकी मां पूजा व अन्य परिवार के अन्य लोग घर के दूसरे कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान बच्ची लापता हो गई। चौबीस घंटे बाद भी पुलिस बच्ची और बच्चे को बरामद नहीं कर पाई है। इरशाद अली और राजेश कुमार ने पुलिस अफसरों से मांग की है कि जिस तरह पुलिस ने भानू को खोज निकाला। इसी तरह हमारे बच्चों को भी बरामद करा दें।