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चार दिन बाद है शादी, पैदल कैसे पहुंचूंगा घर, रोते हुए बोला मजदूर-मालिक ने तनख्वाह दिए बगैर...
Fri, 27 Mar 2020 07:58 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 27 Mar 2020 07:58 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
गजरौला हाईवे पर ब्रजघाट के निकट मिले गांव बहेड़ी निवासी राहुल गंगवार ने बताया कि 31 मार्च को उसकी शादी है। दिल्ली में एक सेठ के यहां झाड़ू-पोछा करता था। दो दिन पूर्व लॉकडाउन होने पर सेठ ने बगैर तनख्वाह दिए नौकरी से निकाल दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
रोते हुए बोला कि वह शादी की तारीख तक अपने घर पैदल कैसे पहुंच पाएगा? राहुल ने रोते हुए बताया कि भूख से बेहाल है। अमर उजाला टीम ने उसे खाने पीने का सामान दिया। हाईवे पर पैदल गुजर रहे ऐसे लोगों की तकलीफ देख किसी भी आंखें नम होना स्वाभाविक है।
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- फोटो : अमर उजाला/एएनआई
अमरोहा के गजरौला में नौकरी से निकाले जाने का गम, कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव की चिंता और जेब में फूटी कौड़ी नहीं होने के कारण लगभग तीन सौ से चार सौ किलोमीटर तक का सफर पैदल ही तय करते लोगों का हाईवे से लगातार गुजर रहा है। भूख-प्यास से बेहाल इन लोगों के चेहरों पर छाई मायूसी के बीच घर पहुंचने को लेकर मन में पैदा जज्बा इनके बुलंद हौसलों की दाद दे रहा था।
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- फोटो : एएनआई
गुरुवार को भी हाईवे पर दिल्ली की दिशा से सैकड़ों की तादाद में पैदल लोगों की टोलियां मुरादाबाद की दिशा में कूच करती नजर आईं। अमर उजाला ने कुछ लोगों को रोककर उनसे बात की तो उनका दर्द छलक पड़ा। गांव मंडोली दिल्ली से नागफनी मुरादाबाद जा रहे नसीम, शब्बू और आलम ने बताया कि वे सुबह पांच बजे दिल्ली से चले थे।
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- फोटो : एएनआई
कई वाहन बदलकर किसी तरह गढ़ चौपला पहुंचे और अब वहां से पैदल ही मुरादाबाद जा रहे हैं। दिल्ली से पैदल ही लखीमपुर खीरी जा रहे सुरेश, मेरठ से शाहजहांपुर जा रहे संजय, मेरठ से जेबीगंज जा रहे रामरतन सिंह की आंखों से आंसू छलक रहे थे। रुहांसी आवाज में इन्होंने बताया कि जेब में एक भी रुपया नहीं है।