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Shabnam Case: बेटे से मिलकर फूट-फूटकर रोई शबनम, बोली-तुम मेरी परछाई से दूर रहना, दी ये नसीहत
Sun, 21 Feb 2021 06:07 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 21 Feb 2021 06:07 PM IST
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शबनम और सलीम
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के बावनखेड़ी में 14/15 अप्रैल 2008 में परिवार के सात सदस्यों को प्रेमी सलीम के साथ मिलकर मौत के घाट उतारने वाली शबनम ने रविवार को रामपुर जेल में अपने बेटे से मुलाकात की। रविवार को शबनम का बेटा लालन-पालन करने वालों के साथ अपनी मां से मिलने रामपुर की जेल पहुंचा था। दोपहर लगभग 12.10 बजे वह जेल से अंदर गया और लगभग 1.15 पर बाहर आया। लगभग एक घंटे तक मां-बेटे के बीच मुलाकात हुई।
दोषी शबनम और सलीम
- फोटो : अमर उजाला
अपने बेटे को देखकर शबनम ने उसे गले लगा लिया और फूट-फूटकर रोई। उसने अपने बेटे को मन लगाकर पढ़ाई करने की नसीहत दी। लगभग एक घंटे के बाद शबनम का बेटा जेल से बाहर आया तो उसकी आंखों में आंसू थे। वह अपनी के साथ हुई मुलाकात करने के बाद कुछ बताना नहीं चाह रहा था।
शबनम
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि रविवार को शबनम जेल में अपने बेटे को गले लगाकर फूट-फूटकर रोई। उसने अपने बेटे से कहा है कि तुम मेरी चिंता मत करना, अच्छे से खाना, मन लगाकर पढ़ना है और बड़े होकर अच्छा इंसान बनना। मेरी किस्मत में जो लिखा होगा वह होगा। तुम मेरी परछाई से दूर रहना। उसने अपने बेटे का लालन-पालन करने वाले भी कहा कि इसको मेरी पहचान से दूर रखो, इसके साथ मेरा नाम ना जुड़े तो ही अच्छा है। मां-बेटे के बीच यह मुलाकात लगभग एक घंटे तक चली।
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शबनम और सलीम
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि शबनम अपने सात परिजनों की हत्या के आरोप में दोषी करार दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी फांसी की सजा सुनाई है। राज्यपाल और राष्ट्रपति के यहां से भी उसकी दया याचिका खारिज हो चुकी है। ऐसे में मथुरा जेल में उसको फांसी दिए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि अभी उसका डेथ वारंट जारी नहीं हुआ है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शबनम पहले मुरादाबाद के जेल में थी, जहां उसके बेटे का जन्म हुआ था। शबनम का बेटा छह साल की उम्र तक अपनी मां के साथ जेल में रहा है। इसके बाद बुलंदशहर के रहने वाले एक व्यक्ति ने उसके लालन-पालन का जिम्मा उठाया है। लगभग छह साल से शबनम का बेटा उस व्यक्ति के पास रह रहा है। शबनम को जुलाई 2019 में मुरादाबाद से रामपुर की जेल में भेज दिया गया है। शबनम का बेटा अपनी मां से मुलाकात करने रामपुर आता रहता है।