कंटेनर डिपो के सामने रेलवे कर्मी के इकलौते बेटे अमन को कुचलने वाली थार 82.22 किमी की रफ्तार से दौड़ रही थी। खुद थार चालक अनमोल के परिजन और व्यापारियों ने सामने आकर इसके साक्ष्य पेश किए हैं। इस हाईस्पीड थार को न तो कहीं रोका गया और न ही इसका चालान किया गया। सिविल लाइंस के चंद्रनगर आजाद नगर निवासी लोको पायलट योगेंद्र कुमार का बेटा अमन 15 सितंबर की रात गांधीनगर से केक खरीदने के बाद अपने घर लौट रहा था।
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थार से अमन को कुचलने के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
कंटेनर डिपो के सामने डिवाइडर के कट पर थार चालक अनमोल अरोड़ा ने अमन की बाइक को राैंद दिया था, जिसमें अमन की मौत हो गई थी। अनमोल को मौके पर ही दबोच लिया गया था, जबकि थार में सवार उसके साथी कटघर के लाजपत नगर निवासी सुकेत खन्ना और सिविल लाइंस के रेलवे हरथला काॅलोनी निवासी दिव्यम चौधरी गाड़ी से कूदकर भाग गए थे।
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मुरादाबाद में अमन की माैत की जांच की मांग करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में पुलिस ने अमन की मां की तहरीर पर थार चालक और उसके साथियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। अनमोल के परिजन और व्यापारी संगठन के लोग इसे केवल हादसा बता रहे हैं। उन्होंने इसके साक्ष्य भी पेश किए। इस साक्ष्यों में उन्होंने थार सवार अनमोल के उस रात दिल्ली से मुरादाबाद आने तक की लोकेशन और फुटेज पेश की।
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मुरादाबाद में अमन की माैत के बाद गमगीन परिजन
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जिसमें उन्होंने बताया कि अनमोल ने अपने साथियों और ड्राइवर के साथ 15 सितंबर की रात 9:01 बजे छिजारसी टोल पर मौजूद था। इसके अलावा रात 10:07 बजे ब्रजघाट टोल और रात 11:08 बजे जोया टोल से निकला था। यह जानकारी थार के फास्ट्रेक की डिटेल के जरिए पेश गई है। कंटेनर डिपो के सामने जिस कट पर अमन को कुचला गया था, वहां से टोल की दूरी 37 किमी. है, जबकि अनमोल को यह दूरी तय करने में मात्र 27 मिनट का समय लगा है।
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मुरादाबाद में अमन की माैत के बाद गमगीन परिजन
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यानी अनमोल ने यह दूरी तय करने में 82.22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थार दौड़ाई थी, जबकि हाईवे पर अधिकतम 80 किमी. प्रति घंटे और शहर में मात्र 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ही वाहन दौड़ाया जा सकता है। थार को न तो कहीं रोका गया और न ही चालान किया गया।