मुजफ्फरनगर में एक सप्ताह पूर्व रामलीला मंचन के दौरान आग लगने से झुलसे अंकित को अभिनय का बेहद शौक था। यही शौक उसकी मौत का कारण बन गया। रामलीला में पात्र बनने के लिए वह कपड़े भी अपने पैसों से खरीदता था। आगे जानें कैसे ये शौक उसे मौत के मुहाने तक ले आया: -
यूपी: आखिर जिंदगी की जंग हार गया रामलीला में झुलसा अंकित, मौत की दहलीज तक ले गया शौक
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अंकित उपाध्याय का परिवार रामपुरी में रहता था, कुछ दिन पूर्व ही गांधीनगर में मकान बनाकर उन्होंने रहना शुरू किया। रामलीला में मंच पर अभिनय करने का अंकित को शौक था। चार सालों से वह कई पात्रों का अभिनय कर रहा था। 21 साल का अंकित उपाध्याय एसडी कॉलेज का बीए का छात्र था। आर्थिक रूप से कमजोर होते हुए भी मंच पर काम करने को लेकर वह उत्साहित रहता था। तीन भाइयों में अंकित बीच का था।
अंकित के पिता कृष्णपाल के साथ तीनों भाइयों ने पशु पाल रखे हैं और कुट्टी काटने की मशीन लगा रखी है, जिसमें घास काटकर अपने जीवन का पालन कर रहे हैं। वह केवल रामपुरी की रामलीला में ही मंचन करता था, लेकिन इस बार जब कच्ची सड़क की रामलीला वालों को ताड़का के लिए कोई पात्र नहीं मिला, तो उसने यहां पर ताड़का का रोल किया। अगले दिन रामपुरी की रामलीला में उसका रोल था।
रविवार की रात ताड़का का रोल करते हुए अचानक आग लग जाने से वह स्टेज पर ही तड़पने लगा। आग बुझाने के लिए रामलीला के आसपास न तो रेत था और न ही पानी। कंबल भी नहीं मिला और कुछ ही देर में वह 80 प्रतिशत जल गया। जिला चिकित्सालय के बाद मेरठ और इसके बाद दिल्ली सफदरजंग में उसका इलाज चला। सात दिन तक वह जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा और रविवार की सुबह उसने आखिरी सांस ली।
अंकित तड़पता रहा लोग वीडियो बनाते रहे
अंकित जिस समय आग की चपेट में आया और वह धू-धू कर जल रहा था, लोग वीडियो बनाने में तल्लीन थे। उसकी तत्काल सहायता हो जाती तो जान बच जाती। रामलीला कमेटी के लोग भी मौके पर नजर नहीं आए। परिवार के लोग ही गंभीर हालत में बाइक पर बैठाकर उसे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। उसकी आग बुझाने के प्रयास में उसके भाई का हाथ भी जल गया।
कमेटी ने भाई से कराया ताड़का का रोल
रविवार की रात अंकित के झुलस जाने के बाद भी रामलीला का मंचन जारी रहा था। परिजनों ने बताया कि अंकित के चाचा के लड़के लव उपाध्याय को अस्पताल नहीं जाने दिया। उससे ताड़का का रोल कराया गया। स्टेज पर इतनी बड़ी घटना को कमेटी ने नजरअंदाज कर दिया।