अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई से मीट शॉप संचालक दहशत में हैं। मेडिकल कॉलेज स्थित खाद्य एवं औषधि कार्यालय में हलचल बढ़ गई है। दो दिन में करीब 50 लोगों ने मीट शॉप के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा किए हैं।
अभिहित अधिकारी रणधीर सिंह का कहना है कि काफी लोग अब मीट शॉप के लिए रजिस्ट्रेशन पाने को लेकर लाइन में खड़े हैं। सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अब पहले निरीक्षण करेंगे, उसके बाद ही रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करेंगे। वहीं, एफडीए की तरफ से लगातार अपील की जा रही थी कि खानपान से जुड़ी कोई भी वस्तु अगर किसी के द्वारा बेची जाती है तो उसे एफडीए से रजिस्ट्रेशन लेना होगा। लेकिन किसी ने अमल नहीं किया था। अब सूबे में सरकार बदलते ही रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन लग गई है।
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बूचड़खानों में काम करती मुस्लिम महिलाएं
अभिहित अधिकारी रणधीर सिंह का कहना है कि शहर में काफी मीट की दुकानें हैं। रजिस्ट्रेशन लेने से पहले कुछ अनिवार्य शर्तें हैं जिसे मीट शॉप संचालित करने वाले को पूरा करना होगा। जिस दुकान का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा उस पर कार्रवाई होगी।
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों, सीओ और एडिशनल एसपी को पत्र जारी कर कहा कि बूचड़खानों और अवैध तरीके मीट की दुकानों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। संबंधित थाना प्रभारी अपने क्षेत्र की कार्रवाई के बारे में रजिस्ट्रर तैयार करेंगे। जिले में अलग अलग थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई को एसएसपी लखनऊ गृह विभाग को भेजेंगे। जिसके बाद मुख्यमंत्री सीधे कार्रवाई की समीक्षा कर सकेंगे।
युवा सेवा समिति ने बूचड़खानों को टारगेट करने पर विरोध जताया। रशीद नगर लिसाड़ी रोड पर आयोजित सभा में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बदर अली ने कहा कि जो मीट फैक्ट्री एवं बूचड़खाने अवैध रूप से संचालित हैं, वह बंद होने चाहिए। समिति अध्यक्ष ने देवबंद का नाम बदले जाने के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई। संचालन आमिर गाजी ने किया।