देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग और उनके घरों पर बुलडोजर चलाना उचित नहीं है। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि पैगंबर का अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। इसके विरुद्ध प्रदर्शन करना मुसलमानों और न्यायप्रिय लोगों का संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकार है। जिसे रोकने के लिए अंधाधुंध गिरफ्तारियां, पुलिस फायरिंग और बुलडोजर का इस्तेमाल किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए अनुचित है।
उन्होंने कहा कि सरकारों को यह समझना चाहिए कि आप किसी विदेशी दुश्मन से नहीं लड़ रहे हैं बल्कि वे सभी इसी देश के नागरिक हैं। ऐसा काफी हद तक संभव है कि इस तरह के प्रदर्शनों में असामाजिक तत्व शामिल हो जाते हैं और उनकी करतूतों की सजा शांतिपूर्ण नागरिकों को भुगतनी पड़ती है।
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Saharanpur Violence, सहारनपुर में बवाल
- फोटो : amar ujala
शरारती तत्वों से रहें सावधान
मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वह शरारती तत्वों से सावधान रहें। ऐसे किसी भी व्यक्ति के बहकावे में न आएं जो माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहा हो। उन्होंने कहा कि जमीयत रांची में प्रदर्शन के दौरान मरने वाले मुदस्सिर और साहिल की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए झारखंड सरकार से मांग करती है कि इस मामले की पूर्ण न्यायिक जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मृतकों के परिवारजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।
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Saharanpur violence, सहारनपुर में बवाल
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हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करेगा जमीयत का प्रतिनिधिमंडल
मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि जो प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए जा रहे हैं, उनके लिए हर स्तर पर कानूनी कार्रवाई का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में जमीयत के कार्यकर्ता संबंधित अधिकारियों, प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व के साथ संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीयत के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में कानपुर का दौरा कर वहां हालात की समीक्षा की थी। उसी तरह जल्द ही अन्य राज्यों का दौर कर न्याय के लिए हर संभव संघर्ष किया जाएगा।
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गिरफ्तार किए गए आरोपी
- फोटो : amar ujala
प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए आठ लोग जेल भेजे
भाजपा नेत्री नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जुमा की नमाज के बाद खानकाह पुलिस चौकी क्षेत्र में प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार किए गए आठ लोगों को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया, जबकि 50 अज्ञात को भी मुकदमे में शामिल किया गया है। पुलिस ने इन सभी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और बलवे की धारा सहित अन्य धाराएं लगाई हैं।
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सहारनपुर हिंसा
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इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया कि इस्लामिया बाजार पहुंचने पर सूचना मिली कि मस्जिद रशीदिया के सामने सड़क पर युवक नारेबाजी कर रहे हैं। वहां पहुंचे तो भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने पुलिस पर डंडों से हमला कर दिया, लेकिन प्रोटेक्शन कवर पहने होने की वजह से किसी को चोट नहीं आई। इस दौरान पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए मोहल्ला अब्दुलहक निवासी दानिश, हाशिमपुरा निवासी मो. लुकमान, कायस्थवाड़ा निवासी काशिफ, पठानपुरा निवासी जुबैर ढसका थाना नानौता निवासी शाहआलम, रविदास मार्ग निवासी शाहनवाज और मोतिया बाग असम निवासी फजलु करीम जो खानकाह में ही खाने का होटल चलाता है। को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
इसमें एक किशोर भी शामिल है। बताया गया है किशोर की उम्र करीब 11 वर्ष है। उसके विरुद्ध भी संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है और उसे गाजियाबाद स्थित बाल सुधार गृह भेजा गया है। इसके अलावा 50 अज्ञात लोगों को मुकदमे में रखा गया है। इन सभी के विरुद्ध धारा 332, 353 व 7 क्रिमिनल एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।