हर रोज की तरह तीनों युवक अपने घर से हंसी-खुशी काम के लिए निकले थे। लेकिन किसी को क्या मालूम था कि तीनों लाल हमेशा-हमेशा के लिए जा रहे हैं। रोते-बिलखते परिजनों ने कहा, अगर ऐसा पता होता तो हम उन्हें आज काम पर नहीं भेजते, लेकिन सच्चाई है कि कोई नहीं जानता कि कब कौन दुनिया छोड़ जाएगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के सामने परिजन रोते रहे और ये कहते रहे कि हमारे लाल को हमसे से मिला दो साहब! तीनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आगे जानिए आखिर मामला क्या है।
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मेरठ में गुरुवार शाम के 4:10 बजे थे। सत्यवान उर्फ अजय, जोगेंद्र, गुड्डू और सतवीर सीवर की सफाई करने मीट प्लांट में पहुंचे। करीब 10 फीट गहरे सीवर तक जो पहुंचा, वहीं मौत की नींद सो गया।
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इस सनसनीखेज मामले में सबसे पहले जोगेंद्र उतरा और बेहोश हो गया। तीनों साथियों ने आवाज दी। लेकिन जोगेंद्र कुछ नहीं बोला। बचाने के लिए गुड्डू गया। जोगेंद्र का गुड्डू ने हाथ पकड़ा था, तभी वह भी बेहोश होकर उसके ऊपर गिर गया। जोगेंद्र और सतवीर बार-बार आवाज देते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। जिसके बाद अजय हिम्मत करके बोला कि सतवीर तुम रस्सा पकड़ लो, मै अंदर जाकर देखता हूं। लेकिन अजय को मालूम नहीं था कि जहरीली गैस मौत बनकर उसके इंतजार में है।
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अजय भी सीवर तक पहुंचा और बेहोश होकर गिर गया। फिर सतवीर भी घबरा गया। सतवीर ने तीनों के नाम लेकर आवाज दी और फिर बचाओ बचाओ कहकर चिल्लाने लगा। करीब दस मिनट बाद गार्ड आया। लोग भी आने लगे। लेकिन सीवर में कौन उतरेगा, इसको लेकर सभी में डर बैठ गया। जैसे तैसे कर पेट पर रस्सा बांधकर मीट प्लांट के दो कर्मचारी रिजवान और जलीस उतरे। दोनों कर्मचारियों ने अजय, गुड्डू और जोगेंद्र को निकाल तो दिया, लेकिन वह भी बेहोश हो गए।