यूपी में हापुड़ के गढ़ थाने की पुलिस द्वारा शुक्रवार रात जबरन मकान खाली कराने के लिए की गई गुंडागर्दी की वीडियो वायरल हो गई। आरोप है कि सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक ने घर में घुसकर महिलाओं को सरेआम पीटा। छेड़छाड़ करते हुए कपड़े फाड़ दिए। घर में तोड़फोड़ करते हुए महिलाओं की ज्वैलरी लूट ली। अगली स्लाइडों में तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट:-
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पुलिस ने घर में घुसकर पीटा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं तीन महिलाओं समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया और फिर थाने ले जाकर पीटा। आरोपी इंस्पेक्टर पर कार्रवाई को लेकर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एडीजी मेरठ जोन ऑफिस पर धरना दिया।
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एडीजी ऑफिस पहुंचे राकेश टिकैत
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राकेश टिकैत के साथ शनिवार दोपहर मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर के 60-70 कार्यकर्ता एडीजी मेरठ जोन के ऑफिस पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।
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राकेश टिकैत को समझाते पुलिस अधिकारी
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उधर, फोर्स लेकर पहुंचे एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने राकेश टिकैत को समझाने की कोशिश की तो वे भड़क गए। कहा कि हमें कानून मत पढ़ाओ। क्या पुलिस को गुंडागर्दी का अधिकार है। कानून और संविधान नाम की चीज है या नहीं। पुलिस अफसरों ने कहा कि एडीजी बाहर हैं। लेकिन भाकियू नेताओं ने एक नहीं सुनी और नारेबाजी करते रहे।
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एडीजी ऑफिस पहुंचे राकेश टिकैत
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भाकियू नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि गढ़ थाना क्षेत्र के बृजघाट में सुशील चौधरी ने एक माह पहले मकान खरीदा था, जिसके बैनामे के भी कागजात हैं। इंस्पेक्टर गढ़ रविंद्र राठी जबरन इस मकान को खाली कराने के लिए दबाव डाल रहे थे। कई बार इंस्पेक्टर ने मकान मालिक को जेल भेजने की धमकी दी। एक कथित बाबा को मकान में जबरन किराए पर कमरा देने के लिए दबाव बनवाया। पांच साल पहले जो किराएदार इस मकान में रहे, उन्हें कब्जा दिलाने की कोशिश की जा रही है। देर शाम तक भी धरना चलता रहा।