मेरठ मे हैवान विमल चंद के खिलाफ सुबूत जुटाने में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। कागजी कार्रवाई ठीक से नहीं होने के कारण फोरेंसिक लैब लखनऊ ने सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर और लैपटॉप लौटा दिए हैं। पुलिस ने अधूरी कागजी कार्रवाई पुख्ता सुबूतों के साथ भेजी थी, जो कि वापस आ गई।
2 of 7
आरोपी विमल चंद
- फोटो : अमर उजाला
मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार कोठी नंबर 162/6 में बच्चियों से दरिंदगी के मामले में मेडिकल पुलिस ने लापरवाही सामने आई है। 28 अप्रैल को हैवान विमल चंद की पोल खुली थी। घर के कैमरे खराब होने के बाद मकान मालिक विमल चंद ने कैमरों के लिए टेक्निशियन आशू को बुलाया था। जब आशू ने कैमरों की डीवीआर देखी तो पता चला कि मकान मालिक अपने घर में बच्चियों को बुलाकर दरिंदगी करता है। जिसके बाद हैवार की हकीकत खुलनी शुरू हुई।
3 of 7
गिरफ्तार आरोपी विमल चंद व टेक्निशियन आशू
- फोटो : अमर उजाला
कैमरे ठीक करने के बाद आशू ने कैमरों की डीवीआर का रिकॉर्ड अलग से एक पेन ड्राइव में सेव कर लिया। आशू ने इस मामले में विमलचंद के घर पर एक पेन ड्राइव देते हुए कहा कि उसकी सारी करतूत उसके पास आ गई है। जिसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर मेसेज भी हुए। कैमरे ठीक करने के नाम पर आशू ने 80 हजार रुपये भी लिए।
4 of 7
घटना का खुलासा करते एसएसपी नितिन तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
जब विमलचंद को पता चला कि आशू के पास वीडियो फुटेज पहुंच गई और यह राज खुल सकता है तो विमलचंद ने अपने घर के सभी कैमरों को बंद करा दिया और एक सीक्रेट कैमरा अपने शयन कक्ष में लगा दिया।
5 of 7
मौके से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने हैवान विमलचंद के घर से बरामद सीसीटीवी कैमरे की वीडियो, फोटो, डीवीआर और लैपटॉप लखनऊ की फोरेंसिक लैब में भेजे थे। पुलिस की कमजोर लिखापढ़ी के चलते फोरेंसिक लैब से कुछ सुबूत लौटा दिए। पुलिस का कहना कि कुछ त्रुटि रह गई थी। जिसको पूरा करने के बाद फिर से डीवीआर, लैपटॉप, हैवान और बच्चियों के कपड़ों को भेजा जाएगा।