बाइक के कागज नहीं दिखाने पर एक लाख रुपये का चालान कटा तो युवक के होश उड़ गए। इसके बाद थाना प्रभारी ने अपनी गलती मानते हुए चालान रसीद में कुछ बदलाव किया। तब जाकर युवक ने थोड़ी राहत की सांस ली।
ये है मामला
मेरठ के गंगानगर क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान गंगानगर थाने में तैनात एक दरोगा ने एक लाख रुपये का चालान काट दिया। इससे युवक के होश उड़ गए। दरअसल, थाने में तैनात एक एसआई वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक बाइक सवार युवक जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद उसका एक लाख रुपये का चालान कर दिया गया। थाना प्रभारी ऋषिपाल मलिक ने बताया कि दरोगा द्वारा गलती से चालान हो गया। वह दस हजार रुपये का चालान कर रहे थे। गलती से एक शून्य ज्यादा लग गया। वाहन स्वामी कोर्ट में जाकर इसे ठीक करा सकता है।
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मेरठ पुलिस।
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कोरोना काल में खूब कटे चालान
कोरोना संक्रमण काल में बेवजह सड़क पर घूमने वालों के चालान काटकर यातायात पुलिस लखपति बन गई। मेरठ में दो महीने में ही कोविड नियमों का उल्लंघन करने वालों के जमकर चालान काटे गए और करीब 52 लाख रुपये की वसूली की गई। कोरोना से बचने की चेतावनी देने के साथ ही चालान काटने में भी टीमें आगे रहीं। सिविल के साथ मिलकर यातायात पुलिस की टीमों ने कहीं पर ई-चालान किया तो कहीं मौके पर ही कार्रवाई की।
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मेरठ पुलिस।
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कोरोना काल में अप्रैल और मई के महीने में धड़ाधड़ चालान काटे गए। सड़क पर जो भी बेवजह दिखाई दिया उसका चालान कर दिया। बार-बार गलती करने पर पुलिस ने पांच से 10 हजार तक का चालान किया है। पुलिस ने दावा किया कि कोविड-19 का पालन कराने के लिए ही यह सख्ती की गई। अधिकतर चालान बेवजह घूमने वाले लोगों के किए गए थे।
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मेरठ पुलिस
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शहर में 10 हजार तक के चालान काटे
20 मई को देहली गेट थाने की पुलिस ने इमरान निवासी खेरनगर का 10 हजार का चालान किया। यह पहला सबसे बड़ा चालान हुआ था। इसमें पहले इरफान का मास्क न लगाने पर 500 रुपये का चालान हुआ था।
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चेकिंग करती मेरठ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
वहीं 21 मई को कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला ठठेरवाड़ा के व्यक्ति का 10 हजार रुपये का चालान किया। चेतावनी के बावजूद उसने दूसरी बार मास्क नहीं पहना था। उसका पहला चालान एक हजार रुपये का था।