मेरठ में सरधना के दबथुआ क्षेत्र में आयाजित सपा और रालोद की संयुक्त रैली में बेतहाशा भीड़ उमड़ी। इनमें बच्चे, जवान, बूढ़े और महिलाएं सभी शामिल थे। ऐसा पहली बार था कि जब अखिलेश और जयंत दोनों ही दिग्गज नेता एक मंच से दहाड़े। उन्होंने मंच से गठबंधन को 2022 का चुनाव जिताने का आह्वान किया और मौजूदा सरकार पर जमकर निशाना साधा। गठबंधन की इस रैली पर जहां राजनीतिक जानकारों की नजरें टिकी रहीं, वहीं इस रैली में उमड़ी भीड़ ने भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ा दी हैं। दोनों नेताओं के सधे हुए भाषण और रैली में उमड़े जनसैलाब के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। तकरीबन एक घंटे के भाषण के बाद जब दोनों नेता वापस जाने के लिए हेलीकॉप्टर तक पहुंचे तो भीड़ बेकाबू हो गई। एक समर्थक जयंत चौधरी को पानी की बोतल देने के लिए हेलीकॉप्टर तक दौड़ पड़ा, तो पुलिस ने उसे दबोच लिया और उस पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसा दीं। समर्थक ने भीड़ में घुसकर अपनी जान बचाई। आगे पढ़ें आखिर कैसे रैली का समापन होते ही अखिलेश और जयंत से मिलने के लिए उनके हेलीकॉप्टर तक दौड़ पड़े।
मेरठ रैली: अखिलेश जयंत की रैली में बेकाबू हुई भीड़, खूब धक्का-मुक्की, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
रैली स्थल के मंच से अखिलेश यादव का भाषण एक बजकर 35 मिनट पर शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि 2022 में बदलाव होकर रहेगा। अखिलेश यादव ने कहा कि लाल, हरा, सफेद और पीला रंग दिख रहा है, एक रंगी कभी किसी के जीवन में खुशहाली नहीं ला सकता है। उन्होंने कहा कि ये सरकार जाने वाली है, परिवर्तन होकर रहेगा। एलान है कि भाजपा की ऐतिहासिक हार होगी। सभी लोग मदद करना।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों का हक मिले और एमएसपी के लिए ठोस फैसला हो। उन्होंने कहा भाजपा किसानों के हक में फैसला नहीं करना चाहती है। गठबंधन किसानों को उनका हक दिलाएगा। भाजपा के मंत्री और समर्थकों ने किसानों को गाड़ी से कुचल दिया है। किसानों का मान छीना है, भाजपा को जाना होगा। समाजवादी पार्टी व रालोद की मिलकर सरकार बनेगी तो गरीब लोगों को बिजली बिल से राहत देंगे।
चौधरी जयंत सिंह का भाषण एक बजकर 45 मिनट पर शुरू हुआ। जयंत ने जनसैलाब को राम-राम करते हुए कहा कि क्रांति भूमि पवित्र धरती को नमन करता हूं। 1857 से पहले या उसके बाद, जब भी देश को जरूरत पड़ी तो यहां के बेटे-बेटियों ने हमेशा मुकबाला किया। राजनीति में दिखावा बहुत हो चुका है। एक साल से किसानों का अपमान हो रहा है। भाजपा के किसी पद पर बैठे किसी नेता की हिम्मत नहीं इस पर बोले। लखनऊ में अदब है, मेरठ में गजब है। यह चौधरी चरण सिंह की कर्म भूमि है। युवा कह रहे हैं भाजपा को सरकार भी गंवानी पड़ेगी।
परिवर्तन संदेश रैली में उमड़े जनसमूह के बीच रैली खत्म होने के बाद जयंत और अखिलेश का काफिला जब हेलीपैड पर पहुंचा तो वहां कार्यकर्ता घुस गए। हेलीपैड पर भी दोनों नेताओं से मिलने की कार्यकर्ताओं में होड़ लगी रहीं। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि पुलिस की व्यवस्थाएं भी फेल हो गई। वहीं भीड़ ने धक्का-मुक्की कर मंच पर भी चढ़ने का प्रयास किया। कई बार नेताओं ने मंच की ओर चल रही भीड़ को रोकने के लिए हाथ भी जोड़े। वहीं बड़ी मुश्किल से भीड़ को रोका गया।