मेरठ में चर्चित तिहरे हत्याकांड का मामला गैंगस्टर कोर्ट में चल रहा है। मुख्य आरोपी हाजी इजलाल की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हो गई है, लेकिन अभी पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता को आदेश नहीं मिला है।
अधिवक्ता प्रमोद त्यागी का कहना है कि आदेश मिलने के बाद आगे का प्लान बताएंगे। वादी अनिल ढाका का कहना है कि इंसाफ के लिए कोर्ट में अपील करेंगे और आरोपी पक्ष की गवाही पूरी कराने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाएंगे।
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हाजी इजलाल
- फोटो : अमर उजाला
23 मई 2008 को कोतवाली के गुदड़ी बाजार में सुनील ढाका, पुनित और सुधीर उज्ज्वल की निर्मम तरीके से हत्या कर शवों को बागपत के बिनौली स्थित गंगनगर में फेंका था। इस घटना को लेकर मेरठ और बागपत में छात्रों से लेकर आम जनता में आक्रोश बढ़ गया था। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मुख्य आरोपी इजलाल की करोड़ों की संपत्ति जब्त की थी। मेरठ कॉलेज के छात्रनेता अमित राणा सहित 37 गवाह बनाए गए थे। सुनील ढाका के भाई अनिल ढाका दिल्ली पुलिस में दरोगा हैं। वह मुकदमे में वादी हैं।
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पुनीत गिरी
- फोटो : अमर उजाला
वादी पक्ष की ओर से सभी की गवाही पूरी हो चुकी है, जबकि आरोपी पक्ष की गवाही अभी नहीं हुई है। यह केस अंतिम पड़ाव पर है। आरोपी पक्ष की गवाही होते ही कोर्ट निर्णय ले सकती है। अनिल ढाका ने बताया कि आरोपी इजलाल को जमानत मिली है। पीड़ित परिजन इंसाफ के लिए कोर्ट में अपील करेंगे कि आरोपी को सजा हो। मेरठ पुलिस और प्रशासन अधिकारियों से गुहार लगाएंगे कि आरोपी पक्ष की गवाही पूरी कराई जाएं।
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
हर तारीख पर आंसू, कभी नहीं भूल पाएंगे
तिहरे हत्याकांड में 14 साल से कोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनील ढाका बागपत के ढिकौली गांव, सुधीर उज्ज्वल बागपत के सिरसली गढ़ और पुनीत गिरी परीक्षितगढ़ के खटकी गांव के निवासी थे। कोर्ट में तारीख पर सुनील के भाई अनिल ढाका, सुधीर के भाई सोनू और पुनित के भाई सतीश लगातार आते रहे हैं।
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मेरठ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुनित के तहेरे भाई अजित वकील हैं, वह तारीख पर सतीश के साथ हर बार जाते हैं। तारीख पर 14 साल पहले घटना को याद करके तीनों परिवार के लोग अक्सर रो पड़ते हैं। वादी अनिल ढाका का कहना है कि आरोपियों ने बड़ी बेहरमी से तीनों युवकों की हत्या की थी। इस वारदात को कभी नहीं भुला पाएंगे।