पश्चिमी यूपी में दो दिन से रुक-रुककर हुई बारिश से मौसम भले ही ठंडा हो गया लेकिन लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। बारिश से दिन के तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बारिश होने से धान की खेती को लाभ पहुंचा है। वहीं दूसरी ओर टूटी सड़कों का बारिश के कारण बुरा हाल है। उधर सहारनपुर-बिजनौर समेत कई जिलों में यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं। देखें कैसे मूसलाधार बारिश ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें: -
यूपी: मूसलाधार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, खतरे के निशान तक पहुंची यमुना, तटवर्ती गांवों में अलर्ट
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पश्चिमी यूपी में शनिवार सुबह से हो रही बारिश ने जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार को भी सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। सभी जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। दिन में रुक-रुक कर बारिश होती रही।
शनिवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री से गिरकर 28 डिग्री पर पहुंच गया है जिससे लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है। बारिश के कारण धान की फसल को काफी लाभ बताया जा रहा है। हालांकि ज्वार की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उधर बारिश के चलते यमुना का जलस्तर घट-बढ़ रहा है।
गुरुवार रात तो कैराना पुल पर यमुना का जलस्तर खतरे के निशान पर 230 मीटर पहुंच गया था, हालांकि शुक्रवार को वह घटकर 229.4 मीटर पर आ गया था। शनिवार को भी यमुना का जलस्तर स्थिर रह कर 229.4 मीटर पर ही रहा।
यमुना के हथिनी कुंड बैराज से अब तक 656000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है जो पिछले 5 सालों मैं सबसे अधिक है। संभावना है कि आज देर रात या कल सुबह यमुना के तटवर्ती गांवों में पानी पहुंच सकता है। 2014 में करीब 600000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जिससे कई गांव में बाढ़ के हालात बने थे। बड़ी संख्या में फसलें नष्ट हुई थीं।
सड़कों पर कीचड़, मच्छरों का प्रकोप
लगातार बारिश के कारण मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत समेत सभी जिलों में जगह-जगह कीचड़ हो गई है। सड़कों पर भी जलभराव, कीचड़ और गंदगी नजर आ रही है। वहीं मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में मलेरिया फैलने की आशंका जताई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि लोग अपने घरों में पानी एकत्रित न होने दें। मच्छरों से बचना चाहिए।
बारिश में टूटी सड़कों का बुरा हाल
बारिश के चलते टूटी सड़कों का बुरा हाल हो गया है। सड़क पर हुए गड्ढों में बारिश का पानी भरा है। सड़कों की खराब हालत के कारण यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं। हर जिले में सड़कों का यही हाल है। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले लोगों को सड़कों पर जलभराव के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।