उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में सौरम गांव निवासी सौरभ अपने भांजे कर्ण के साथ काम की तलाश में सिसाना तक पहुंचे। दोस्त कमल के साथ मिलकर काम ढूंढ रहे थे। घर पर कुछ देर में आने की बात कहकर तीनों यमुना में नहाने चले गए। लेकिन यहां मौत से सामना हो गया। दो किशोर किसी तरह बच गए, लेकिन तीसरे की अभी भी तलाश चल रही है।
काम की तलाश में आए थे..., मौत से हो गया सामना, युवकों को डूबता देखकर मोमिन ने दिखाई हिम्मत
- यमुना में डूबा किशोर मुजफ्फरनगर के सौरम गांव का रहने वाला
- एसडीएम सदर, सीओ सिटी के नेतृत्व में डूबे युवक की तलाश जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर के सौरम गांव निवासी सौरभ (17) पुत्र सतेंद्र अपने भांजे कसेरवां गांव निवासी कर्ण (16) के साथ शनिवार को सिसाना गांव में अपने दोस्त कमल (16) के घर आए थे। तीनों दोस्त काम की तलाश कर रहे थे। दोपहर करीब एक बजे तीनों यमुना नदी में नहाने चले गए।
नहाते हुए तीनों डूबने लगे तो चीख-पुकार मच गई। किनारे पर खड़े बागपत निवासी मोमीन उन्हें बचाने के लिए दौड़ा। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में पुलिस पहुंची। गोताखोर किशोर की तलाश कर रहे हैं, लेकिन सुराग नहीं लग सका।
सीओ सदर ने बताया कि हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ। ग्रामीणों ने हेल्पलाइन नंबर पर शाम चार बजे जानकारी दी है। गोताखोर बुलाए गए हैं। गोताखोर किशोर की तलाश कर रहे हैं। गांव में गम का माहौल है।
सीओ सिटी ने बताया कि तीनों की आपस में रिश्तेदारी हैं। परिजनों ने बताया कि मुजफ्फरनगर के किशोर काम की तलाश में आए थे। शनिवार को उन्होंने सिसाना में ही रुकने का फैसला किया। घर से तीनों यमुना में नहाने चले गए। लेकिन यहां पर हादसे का शिकार हो गए।
तैरना नहीं जानते थे तीनों किशोर, फिर भी गए नहाने
हादसे का शिकार हुए किशोर तैरना नहीं जानते थे। इसके बावजूद वह यमुना में नहाने के लिए उतर गए। कर्ण ने बताया कि वह तीनों तैरना नहीं जानते थे। किनारे से कुछ ही दूर नहा रहे थे, लेकिन एकाएक डूबने लगे।