झूठा हलफनामा प्रस्तुत करने के मामले में पुलिस-प्रशासन की हाईकोर्ट में किरकिरी हो गई। इसके बाद भी मेरठ पुलिस की नींद नहीं टूट रही। मेरठ में रेड लाइट एरिया में सेक्स वर्करों का आना-जाना जारी है। बुधवार को कई सेक्स वर्कर कोठों पर पहुंचीं। एक कोठा संचालिका ने कोठे पर नया ताला लगाया। उसका वीडियो स्थानीय लोगों ने बना लिया। सबूत के लिए काफी हैं ये तस्वीरें...! आगे देखिए...
पुलिस दावे से उलट है इन 75 'कोठों' की सच्चाई, सबूत के लिए काफी हैं ये तस्वीरें
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वहीं, हाईकोर्ट की फटकार के बाद भी मेरठ पुलिस गंभीर नहीं है। ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस ने मंगलवार को महज निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति की है।
मंगलवार को पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि बुधवार से अभियान चलाकर कोठों की तलाशी ली जाएगी। सेक्स वर्करों का रेस्क्यू होगा लेकिन बुधवार को ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। खानापूर्ति के लिए एसएसआई ब्रह्मपुरी ऊधमसिंह तालान, दरोगा संजीव कुमार और पांच पुलिसकर्मी रेडलाइट एरिया में पहुंचे। 10 मिनट में रेडलाइट एरिया में घूमकर वापस चले गए जबकि रेडलाइट एरिया में बुधवार को भी सेक्स वर्करों का कोठों पर आना-जाना लगा रहा। कई सेक्स वर्कर तो बाजार में घूमती दिखाई दीं। इनको निगरानी करने वाले किसी पुलिसकर्मी ने नहीं देखा।
रेडलाइट एरिया में एक कोठा संचालिका रिक्शा से आई। अपने कोठे के गेट का ताला खोला, ऊपरी मंजिल पर गई व फिर नया दूसरा ताला लगा दिया। यह नजारा बाजार के कई लोगों ने देखा। इसी दौरान एक व्यापारी ने कोठा संचालिका का वीडियो बना लिया जिसमें महिला रिक्शा से आती है और ताला बदलकर चली जाती है।
पुलिस के दावे खोखले
पुलिस अधिकारियों के दावे भी खोखले हैं। अधिकारियों ने दावा किया था कि रेडलाइट एरिया को बंद कराया जाएगा। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस भी गश्त करती रहेगी, लेकिन 24 घंटे में ही यह दावे ध्वस्त हो गए। बुधवार को पुलिस ने न अभियान चलाया और न ही सीसीटीवी कैमरे के लिए जांच की। कोठों पर कार्रवाई के मामले में पुलिस महज खानापूर्ति में जुटी है।