इंस्पेक्टर पति और हेड कांस्टेबल पत्नी के बीच चल रहे विवाद की शिकायतें थाने पहुंचीं तो कई बड़े राज खुलकर सामने आ गए। पिछले करीब सात साल से पति-पत्नी एक-दूसरे पर आरोप लगाते आ रहे हैं। पति ने इस बार शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि पत्नी के पास आय से अधिक संपत्ति हैं और वह होंडा सिटी गाड़ी से चलती थी। वहीं एंटी करप्शन की जांच के बाद पत्नी ने कहा कि मेरे पास सभी सबूत हैं। हेड कांस्टेबल का दावा है कि उसके पास अवैध कोई संपत्ति नहीं है।
वर्दी पर दाग: इंस्पेक्टर पति और हेड कांस्टेबल पत्नी के बीच बढ़ा विवाद, दोनों की आय से अधिक संपत्ति के खुल रहे बड़े राज, तस्वीरें
मूलरूप से शामली का रहने वाले हैं अमित कुमार
इंस्पेक्टर अमित कुमार मूलरूप से शामली के रहने वाले हैं। अब उनके माता-पिता मेरठ के पल्लवपुरम में रहते हैं। बताया गया कि अमित की पत्नी मीनाक्षी कोऑपरेटिव सहायता प्रकोष्ठ में हेड कांस्टेबल हैं। मीनाक्षी अपने बच्चों के साथ सिविल लाइन क्षेत्र में मानसरोवर कॉलोनी में रहती हैं।
इंस्पेक्टर अमित कुमार का हुआ डिमोशन
पत्नी की शिकायत पर इंस्पेक्टर अमित कुमार का डिमोशन हुआ था। इसके बाद इंस्पेक्टर ने अपनी पत्नी मीनाक्षी की भी शिकायत की। पति की शिकायत के बाद एंटी करप्शन की टीम जांच कर रही है। वहीं गुरुवार रात एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर सूरज सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मीनाक्षी चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोप है कि भ्रष्टाचार करके मीनाक्षी ने मानसरोवर कॉलोनी में फ्लैट लिया हुआ है और भी कई संपत्ति हैं।
होंडा सिटी गाड़ी से चलती थी महिला हेड कांस्टेबल
हेड कांस्टेबल मीनाक्षी अपने दो बच्चों की परवरिश कर रही हैं। जांच में पता चला कि उसके पास होंडा सिटी कार है। इसके चलते वह आय से अधिक संपत्ति के दायरे में आई। एंटी करप्शन की टीम ने पहले जांच की और फिर हेड कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
हेड कांस्टेबल का पति पर आरोप
हेड कांस्टेबल मीनाक्षी ने अपने पति पर आरोप लगाया है। मीनाक्षी का कहना है कि मैं न तो थानेदार और ना किसी मुकदमे की विवेचना करती हूं। मेरे पास भ्रष्टाचार का पैसा कहां से आ गया। मेरे पति अमित कुमार ने साजिशन मुझ पर मुकदमा कराया है। जिस फ्लैट में मैं रहती हूं, बैनामे में पति द्वारा 10 लाख रुपये देने के प्रमाण मेरे पास हैं। जितनी संपत्ति मेरे पास है, इसके सारे सबूत मैं एंटी करप्शन को देने को तैयार हूं। इस संबंध में कई बार मैंने एंटी करप्शन में जाकर स्पष्टीकरण भी दिया है। इसके बावजूद मेरे खिलाफ केस दर्ज कराया। मेरी ड्यूटी कई सालों से कोऑपरेटिव सहायता प्रकोष्ठ में है।