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तस्वीरें: प्राचीन ऐतिहासिक नगरी के पांडव टीले में दबे कई रहस्य आएंगे सामने, खुदाई का कार्य शुरू

Mon, 12 Jul 2021 06:02 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 12 Jul 2021 06:02 PM IST
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The excavation work has started on the Pandava mound of the ancient historical city of Hastinapur
हस्तिनापुर में पांडव टीला। - फोटो : amar ujala

प्राचीन ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर के लोगों की सालों से चली आ रही मांग को सरकार ने मंजूर करते हुए पांडव टीले पर खुदाई का कार्य शुरू करा दिया है। यहां सोमवार को पहले दिन कई प्राचीन अवशेष टीम को नजर आए।



पुरातत्व विभाग ने महाभारत कालीन प्राचीन पांडव टीले पर खुदाई का कार्य शुरू कर दिया है। सोमवार को पहले दिन दो स्थानों पर टीमों ने कार्य शुरू किया। एक टीम रघुनाथ महल व दूसरी टीम उल्टा खेड़ा के ऊपर पीर के समीप लगाई गई। दोनों टीमों में तीस-तीस श्रमिक मौजूद रहे। वहीं इस अवसर पर पुरातत्व विभाग के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार पहले दिन कई प्राचीन अवशेष टीम को प्राप्त हुए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह कितने प्राचीन हैं। बताया गया कि यहां पांडव टीले पर खुदाई कई दिनों तक चलेगी और इस टीले को आईकॉनिक साइड के रूप में विकसित किया जाएगा। 

The excavation work has started on the Pandava mound of the ancient historical city of Hastinapur
खुदाई के दौरान मिले अवशेष। - फोटो : amar ujala

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षण पुरातत्वविद् डीबी गणनायक ने बताया कि मेरठ सर्किल के अंतर्गत सभी उपमंडल कार्यालयों से कर्मचारियों को बुलाया गया है। जिनकी मौजूदगी में खुदाई और सफाई कार्य शुरू कराया गया है। फिलहाल पांडव टीले के तीन स्थान जयंती माता मठ, राजा रघुनाथ महल व अमृत कूप के समीप कार्य प्रारंभ होगा।

The excavation work has started on the Pandava mound of the ancient historical city of Hastinapur
खुदाई के दौरान मिले अवशेष। - फोटो : amar ujala

उन्होंने बताया कि टीले पर पहले से मौजूद पुरातात्विक महत्व वाले स्थानों को निखारा जाएगा। साथ ही इन स्थानों के आसपास विशेष सफाई कराई जाएगी। प्राचीन स्थलों के पास इन स्थानों की महत्ता दर्शाने के लिए बड़े-बड़े श्राइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे पांडव टीले पर आने वाले पर्यटक सैलानी हस्तिनापुर की प्राचीन धरोहरों को विस्तार से जान सकेंगे। 

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The excavation work has started on the Pandava mound of the ancient historical city of Hastinapur
हस्तिनापुर के पांडव टीले पर खुदाई शुरू। - फोटो : amar ujala

पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार पांडव टीला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अंतर्गत संरक्षित है। इसमें महाभारत कालीन अवशेष होने की संभावना जताई जा रही है। इसी उद्देश्य से पांडव टीले की खुदाई शुरू कराई गई है। 

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The excavation work has started on the Pandava mound of the ancient historical city of Hastinapur
हस्तिनापुर में पांडव टीले पर खुदाई शुरू। - फोटो : amar ujala

इससे पूर्व भी समय-समय पर टीले से पौराणिक अवशेष मिलते रहे हैं। क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से पांडव टीले की खुदाई को लेकर मांग रही है, जिससे हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के अनसुलझे कुछ रहस्य सामने आ सके। बीती फरवरी में संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने पांडव टीले की परिक्रमा कर इसे संवारने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे। जिसका असर अब दिखने लगा है।

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