उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एलएलबी के छात्र यश की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पकड़े गए शावेज और अन्य आरोपियों ने बताया कि वे यश के हाथ-पैर बांध और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे फैक्टरी में छोड़कर चले गए थे। करीब तीन घंटे बाद आरोपी फैक्टरी में पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। यश की मौत होने के बाद वे शव को बोरे में बंद कर एक ठेले पर नाले तक लेकर गए।
Meerut Murder: पहले यश का मर्डर, फिर बोरे में बंद कर ठेले पर ले गए थे शव, खौफनाक है हत्या का राज
शव नाले में फेंकने के बाद काट दी थी यश की स्कूटी
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि शव को नाले में फेंकने के बाद आरोपियों ने फैक्टरी में यश की स्कूटी काट दी थी। पुलिस ने फैक्टरी से ही उसके अलग-अलग पार्ट्स बरामद किए हैं। शावेज ने बताया कि अहमदनगर में उसकी फैक्टरी में कपड़ों पर कढ़ाई का काम होता है। यहां अलीशान कर्मचारी है और सलमान उसका दोस्त है। हत्या करने में तीनों आरोपी शामिल थे।
वहीं रविवार को भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर, पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी, हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही, छात्रनेता विनीत चपराना समेत काफी संख्या में लोग पोस्टमार्टम हाउस पर यश के परिवार के पास पहुंच गए। उन्होंने दूसरे समुदाय के युवकों पर बेहरमी से यश की हत्या करने पर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने यश के पिता अनिल रस्तोगी सहित अन्य सदस्यों को सांत्वना दी। उन्होंने एसएसपी रोहित सिंह और एसपी सिटी विनीत भटनागर ने सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा। यश की सकुशल बरामदगी न कर पाने पर पुलिस के खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी कर हंगामा चलता रहा।
हंगामे के दौरान एसपी सिटी विनीत भटनागर सहित अन्य अफसर कई थानों की पुलिस के साथ पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान यश के परिवार को 50 लाख रुपये के मुआवजे और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की भी मांग की गई। वहीं, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि आरोपी शावेज अंसारी निवासी इमलियान सिविल लाइन, अलीशान और सलमान उर्फ सोनू निवासी कांच का पुल लिसाड़ीगेट को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह था मामला
यश जागृति विहार निवासी अनिल रस्तोगी का इकलौता बेटा था। अनिल घर पर ही किराना की दुकान चलाते हैं। परिजनों ने बिलखते हुए बताया कि लापता होने के बाद यश को काफी ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिला। बाद में अपहरण का अंदेशा जताकर मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दो युवकों को पकड़ा था। उन्होंने बताया कि कुछ युवकों का ग्रुप ऑनलाइन एप से जुड़ा है। इसमें यश भी शामिल था। पुलिस ने जांच की और शनिवार रात शावेज, अलीशान और सलमान को पकड़ा। इनकी निशानदेही पर यश का शव बरामद किया।