इन फ्लू का प्रकोप लगातार जारी है। शुक्रवार को भी जांच में तीन लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई, ये सभी मेरठ के रहने वाले हैं। अब तक जनपद में स्वाइन फ्लू के 71 मरीज सामने आ चुके हैं। इन तीन नए मरीजों में एक 55 वर्षीय व्यक्ति है जो शास्त्री नगर के रहने वाले हैं, उन्हें पिछले 4 दिन से बुखार और कफ की शिकायत थी। एक 13 वर्षीय बालक है, जिसे 16 जनवरी से बुखार और कफ की शिकायत है। यह दोनों निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
स्वाइन फ्लू का प्रकोप जारी, तीन और मरीज मिले, एच1 एन1 के हमले से पहले ही हो जाएं अलर्ट
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इनके अलावा पांडव नगर निवासी 33 वर्षीय महिला है जो जैसलमेर घूमकर आई हैं। इन तीनों से जुड़े एक दर्जन से ज़्यादा लोगों को टेमी फ्लू की दवाई दी गई है।सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू के इन मरीजों की पुष्टि मेडिकल कालेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में हुई है। नवंबर 2018 से अब तक स्वाइन फ्लू के 71 मरीज सामने आ चुके हैं। आगे जानें आखिर खुद कैसे करें स्वाइन फ्लू की पहचान और एच वन एन वन के हमले से पहले ही इस बीमारी से खुद का बचाव करें: -
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू एच वन, एन वन है। यह एक जूनोटिक शूकर इंफ्लूएंजा विषाणु एसआईवी है। यह व्यक्ति से व्यक्ति में फैलने वाली बीमारी है। मरीज को स्वाइन फ्लू की शिकायत होते ही सावधानियां बरतनी शुरू कर देनी चाहिए, ताकि अन्य लोगों में न फैले। डाक्टर संदीप टंडन ने बताया कि यह बीमारी खतरनाक नहीं है, लेकिन सावधानी न बरती जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो जाती है।
फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू के लक्षण भी सामान्य इन्फ्लूएंजा के लक्षणों की तरह ही होते हैं। सामान्य जुकाम और 100 डिग्री तक बुखार होता है। तेज सिरदर्द होता है और अत्यधिक कमजोरी महसूस होने लगती है। तेज ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द महसूस करना आदि लक्षण इस बीमारी के दौरान उभरते हैं। भूख कम लगती है और नाक से पानी बहने लगता है। खांसी आना, गले में जलन, उल्टी और डायरिया भी हो जाता है। गले में खरास, मांसपेसियों में दर्द, पेट खराब होना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
ऐसे करें अपना बचाव
1. खांसी, जुकाम, बुखार के रोगी से दूर रहें।
2. आंख, नाक, मुंह को छूने के बाद किसी अन्य वस्तु को न छुएं और हाथों को साबुन/ एंटीसेप्टिक द्रव से धोकर साफ करें।
3. खांसते, छींकते समय मुंह और नाक पर कपड़ा रखें।
4. सहज एवं तनावमुक्त रहिए। तनाव से रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता कम हो जाती है जिससे संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।
5. खूब उबला हुआ पानी पीएं और पोषक भोजन तथा फलों का उपयोग करें।
7. सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर भीड़भाड़ से बचें और घर पर ही रहकर आराम करते हुए उचित (लगभग 7-9 घंटे) नींद लें।