साल का आखिरी सूर्यग्रहण 26 दिसंबर को है। सूतक 25 दिसंबर की रात आठ बजे से लग जाएगा जबकि 26 दिसंबर की सुबह आठ बजे से डेढ़ बजे तक सूर्यग्रहण का मोक्षकाल होगा। दक्षिण भारत में तो इसे पूरे समय देखा जा सकता है लेकिन उत्तर भारत के राज्यों में इसकी छाया पड़ेगी। आगे जानें किसलिए खास है यह सूर्य ग्रहण: -
इस बार खास आकृति को होगा सूर्य ग्रहण, जानें आपके शहर में कब पड़ेगी छाया, राशियों पर ये होगा प्रभाव
23 दिसंबर, साल का आखिरी सूर्यग्रहण अबकी 'कंकण' आकृति का होगा। यानि सूर्यग्रहण का आकार कंगन की आकार का होगा। पौष अमावस्या में ये सूर्यग्रहण होगा। दक्षिण के राज्यों में यह पूरी तरह से दिखाई देगा जबकि उत्तर भारत के राज्यों में इस पर छाया पड़ेगी। जिसे खंडग्रास भी कहते हैं।
पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में सूर्यग्रहण सुबह 8:19 बजे से शुरू होगा और 10:56 मिनट पर इसकी छाया पड़ेगी। मेरठ में सुबह 8.18 मिनट पर शुरू होगा और छाया 10:57 पर पड़ेगी। मुज्जफरनगर में 8:28 बजे से शुरू होगा जबकि खंडग्रास सूर्यग्रहण 11:18 बजे तक रहेगा।
बिजनौर में 8:19 बजे और 10:58 पर छाया पड़ेगी। बागपत में मेरठ के समय और शामली में मुज्जफरनगर वाले समय अनुकूल पड़ेगी। अहम बात ये है कि धनु राशि वालों को विशेष ख्याल रखना होगा लेकिन सूर्यग्रहण का दुष्प्रभाव कम करने को आदित्य हृदय स्त्रोतम का पाठ जरूर करें।