मेरठ-बिजनौर को जोड़ने वाले भीमकुंड गंगा पुल पर चार दिन पहले टूटी एप्रोच रोड को दुरुस्त करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी जुट गए हैं। लेकिन मंगलवार को भी गंगा के कटान के चलते कार्य प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार्य कछुआ गति से चल रहा है। कहा कि एक सप्ताह में भी पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
गंगा का जल स्तर बढ़ने के कारण एक सप्ताह पूर्व गंगा पुल के अंतिम पिलर पर चांदपुर की ओर कटान शुरू हो गया था। जिसके कारण शनिवार को गंगा की एप्रोच रोड धंस गई थी, जिस कारण पुल से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
2 of 5
गंगा पुल का हाल।
- फोटो : amar ujala
एप्रोच रोड टूटने से पीडब्ल्यूडी और राज्य सेतु निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। राज्य मंत्री दिनेश खटीक और जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और एक सप्ताह में पुल पर आवागमन शुरू करने के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देश दिए।
3 of 5
तेजी से हो रहा कटान।
- फोटो : amar ujala
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता राजीव कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित ठेकेदार को जल्द से जल्द एप्रोच रोड दुरुस्त कर यातायात शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं रविवार सड़क को दुरुस्त करने का कार्य शुरू हो गया है।
4 of 5
पुल का हाल।
- फोटो : amar ujala
सोमवार दोपहर बाद उसी स्थान पर एक बार फिर से कटान शुरू हो गया। गंगा की धारा टूटी एप्रोच रोड की ओर मुड़ गई, जिस कारण वहां कार्य कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया। पानी के तेज बहाव में कटान रोकने के लिए लगाई गई बल्ली और मिट्टी से भरे बोरे बह गए। काफी देर कार्य प्रभावित रहा। शाम को फिर से कार्य शुरू किया गया। वहीं मंगलवार को भी अधिकारी कार्य कराने में जुटे रहे।
5 of 5
गंगा पुल पर काम करते लोग।
- फोटो : amar ujala
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सड़क चार दिन में दुरुस्त करने के दावे कर रहे थे, परंतु कछुआ गति से कार्य चलने के कारण एक सप्ताह में भी कार्य पूर्ण होता दिखाई नहीं दे रहा है। जिससे किसानों को अपने खेतों तक जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार शाम को गंगा का जलस्तर 78 हजार क्यूसेक पर चल रहा था।