शामली के थानाभवन व बाबरी पुलिस के साथ भैंसानी के जंगल में बंद पड़े ईंट भट्ठे पर 50 हजार रुपये का इनामी अंतरराज्यीय बदमाश समयदीन उर्फ सामा मुठभेड़ में मारा गया। शामली में एसपी एनपी सिंह ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले 18 अक्तूबर की रात को कांधला क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश नफीस निवासी कांधला मारा गया था। मौके से उसका साथी भाग गया था।
मौके से भागा बदमाश समयदीन था, जो मुठभेड़ के बाद पंजाब के जयपुर भाग गया था। एसपी का कहना है कि समयदीन घटना करने के लिए शामली व आसपास के जनपदों में आता था और घटना करने के बाद पुलिस से बचने के लिए दक्षिण भारत के राज्यों में भाग जाता था।
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समयदीन की फाइल फोटो और गमगीन परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग से जुड़ा था नफीस गैंग
वह जनपद में कांधला, झिंझाना व शामली से तीन घटनाओं में वांछित चल रहा था। एसपी ने बताया कि नफीस गैंग पहले मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग से जुड़ा था। इसके बाद वह मुकीम काला गैंग से जुड़ा था। इसके अलावा आईएसआई से भी नफीस गिरोह का कनेक्शन होने की जानकारी मिली थी।
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मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती
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शामली पुलिस ने डेढ़ माह में मुठभेड़ में किए चार इनामी बदमाश ढेर
शामली पुलिस डेढ़ माह में मुठभेड़ में चार इनामी बदमाशों को ढेर कर चुकी है। समयदीन उर्फ सामा मुठभेड़ में मारा जाने वाला चौथा बदमाश है। 18 अक्तूबर की रात को कांधला पुलिस के साथ मुठभेड़ में कांधला निवासी नफीस मारा गया था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था।
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समयदीन की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नफीस शामली जनपद के अलावा दक्षिण भारत के राज्यों में भी अपराध करता था। इसके चार दिन बाद झिंझाना पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी फैसल मारा गया था। फैसल मूल रूप से मेरठ का निवासी था और वर्तमान में वह मुजफ्फरनगर में रह रहा था।
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घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आठ दिन पहले झिंझाना पुलिस के साथ मुठभेड़ में मिथुन निवासी गांव अलाउद्दीनपुर मारा गया। उस पर शामली पुलिस की तरफ से एक लाख रुपये और बागपत पुलिस की तरफ से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। सोमवार रात को थानाभवन व बाबरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपये का इनामी समयदीन उर्फ सामा मारा गया।