बच्चियों से दरिंदगी के मामले में आरोपी विमलचंद को पुलिसने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया वहीं मामले में एसओ मेडिकल की भूमिका पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। थाना मेडिकल के एसओ को आरोपी की करतूतों के बारे में पता चल चुका था फिर भी उन्होंने सक्रियता नहीं दिखाई। एसओ और टेक्निशियन की आपस में हुई बातचीत ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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गिरफ्तार आरोपी विमल चंद व टेक्निशियन आशू
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी विमल ने घर के कैमरे खराब होने के बाद टेक्निशियन आशू को बुलाया। कैमरे ठीक करने पहुंचे आशू ने जब कैमरों की डीवीआर देखी तो पता चला कि मकान मालिक अपने घर में बच्चियों को बुलाकर दरिंदगी करता है। कैमरे ठीक करने के बाद आशू ने कैमरों की डीवीआर का रिकॉर्ड अलग से एक पेन ड्राइव में सेव कर लिया।
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आरोपी विमल चंद को ले जाती पुलिस
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एसएसपी नितिन तिवारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आशू ने इस मामले में विमलचंद के घर पर एक पेन ड्राइव देते हुए कहा कि उसकी सारी करतूत उसके पास आ गई है। जिसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर मैसेज भी हुए। कैमरे ठीक करने के नाम पर आशू ने विमल से 80 हजार रुपये भी लिए।
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पुलिस के दबोचने पर खुद को छुड़ाने की कोशिश करता आरोपी
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पुलिस ने नवंबर 2018 तक की फुटेज और कुछ अन्य फोटो को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। वहीं पुलिस ने कैमरों के टेक्निशियन आशू से दो पेनड्राइव भी बरामद की हैं। सभी कैमरों और एक पेनड्राइव को आरोपी आशू एक महिला के घर पर रखकर आया था। जहां से पुलिस ने सारा सामान बरामद करते महिला से भी पूछताछ की।
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घटना का खुलासा करते एसएसपी नितिन तिवारी
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एसओ मेडिकल की भूमिका संदिग्ध
टेक्निशियन आशु और एसओ मेडिकल कैलाश चंद की एक ऑडियो क्लिप मिली है। जिससे सुनकर जाहिर होता कि एसओ मेडिकल भी आरोपों के घेरे में हैं। हालांकि एसएसपी का कहना कि ऐसा प्रमाण नहीं मिला, जिससे साबित हो जाए कि एसओ की इस प्रकरण में भूमिका है। जबकि ऑडियो से सवाल उठता है कि सब कुछ जानने के बाद भी एसओ ने कार्रवाई क्यों नहीं की।