मेरठ के कबाड़ी बाजार स्थित रेड लाइट एरिया का मामला सुर्खियों में आते ही यहां से सेक्स वर्कर को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया है। रविवार को पुलिस सूत्रों से जानकारी मिली कि पिछले दो से तीन दिनों में मेरठ से सौ से ज्यादा सेक्स वर्कर को दिल्ली शिफ्ट किया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या राजस्थान, नेपाल, मध्यप्रदेश आदि राज्यों की लड़कियों की है। इस मामले में पुलिस के उच्चाधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
यूपी: कबाड़ी बाजार के कोठों से सैंकड़ों युवती दिल्ली शिफ्ट, खूब हुई छापेमारी, कराईं रेस्क्यू
जैसे ही कोठों पर कार्रवाई की तलवार लटकनी शुरू हुई तो सौ से अधिक सेक्स वर्करों को यहां से आधी रात को तीन से चार बजे के बीच कोठों से निकालकर दिल्ली के रेड लाइट एरिया में पहुंचा दिया गया है। कोठा संचालिकाओं से कहा गया कि पुलिस-प्रशासन की टीमें कभी भी फोर्स लगाकर यहां कोठों को सील कर सकती हैं।
कबाड़ी बाजार के कोठों पर जल्द लग सकती है सील
कबाड़ी बाजार मामले में प्रशासन ने अपना तीर छोड़ दिया है। अब सिर्फ 30 अप्रैल को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई का इंतजार है। इसके बाद प्रशासन कोठों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर देगा। यही नहीं, प्रशासन ने जिस तकनीकी तौर पर नोटिस जारी किए हैं, उससे भी साफ है कि प्रशासन की अंतिम कार्रवाई सील लगाने की ही होगी।
कबाड़ी बाजार प्रकरण में जिलाधिकारी ने अब अपनी अलग रणनीति बनाई है। पुलिस के स्तर से किरकिरी होने के बाद जिलाधिकारी ने कोठों पर कार्रवाई के लिए अपने स्तर से पूरी विधिक राय के बाद नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में उन्होंने कोठा संचालिकाओं या संचालक को नहीं बल्कि नगर निगम के भवन कर रजिस्टर से तैयार सूची के अनुसार भवन मालिकों को नोटिस दिया है। इस नोटिस की भाषा भी बहुत सधी हुई है, जिसमें सीधे भवन मालिक से कहा गया कि उनके मकान में अनैतिक रूप से लोगों का आना-जाना रहता है।