रेड लाइट एरिया एक ऐसी जगह जिसके नाम मात्र से ही लोग मुहं फेरने लगते हैं। एक ऐसी जगह जहां न जाने कितनी ही मासूम लड़कियों की जिंदगियां देह व्यापार के काले दलदल में धकेल दी जाती हैं। तंग कमरों में बंद ये जिंदगियां गुमनाम अंधेरे के बीच कब खत्म हो जाती हैं पता भी नहीं चलता।
सबीना को कोठे पर देख दंग रह गया था युवक, किसी को भी रुला देंगी रेड लाइट एरिया की ये कहानियां
सबीना को देख हैरान रह गया था युवक
पश्चिमी बंगाल के 24 परगना जिले के एक गांव की रहने वाली सबीना छह माह पहले घर से निकली थी। इस बीच उसका कार से अपहरण कर लिया। नशीला पदार्थ देकर तीन दिन तक कोलकाता में एक मकान में रखा गया, वहां उसके जैसी कई अन्य युवतियां भी थी। उसके बाद उसे मेरठ में कबाड़ी बाजार के एक कोठे पर बेच दिया। सबीना को यातनाएं देकर जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया।
सबीना ने कभी नहीं सोचा था कि उसे ये दिन भी देखने पड़ेंगे। एक दिन सबीना ने एक दिन कोठे की छत से अपने गांव के किसी परिचित युवक को देखा तो उसकी जान में जान आ गई। युवक की नजरें भी सबीना को पहचान गईं और वह उसे वहां देखकर हैरान रह गया। युवक मुजफ्फरनगर में एक सराफ के यहां काम करता है। यह युवक सराफा बाजार जाते समय कबाड़ी बाजार से निकला तो सबीना ने उसे पहचान लिया। इससे पहले कि युवक कुछ करता, सबीना ने किसी तरह हिम्मत कर एक पर्ची नीचे फेंक दी। जिसे युवक ने उठा लिया।
ऐसे नर्क से निकली सबीना की जिंदगी
युवक ने पर्ची उठाकर खोली तो उसमें लिखा था कि भैया आज रात 8:00 बजे ग्राहक बनकर कोठे पर आना। युवक ठीक आठ बजे कोठे पर ग्राहक बनकर पहुंचा तो वहां उसकी मुलाकात सबीना से हो गई। इस दौरान सबीना ने भाई कहकर युवक को सभी बातें बता दी। साथ ही कहा कि भैया कुछ भी करो, लेकिन मुझे इस नर्क से छुटकारा दिला दो।
युवक आठ बजे रात में उसी कोठे पर ग्राहक बनकर पहुंचा, वहां सबीना ने उसे दर्द भरी दास्तान सुनाई और कहा कि भैया कुछ भी हो मुझे बस यहां से बंधनमुक्त करा दो। युवक ने सबीना की आपबीती अपने मोबाइल फोन मे रिकार्डिंग कर ली। रविवार को युवक स्थानीय दुकानदार के नौकर को लेकर एंटी हृयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने पहुंचा मामले की जानकारी दी, जिसके बाद सबीना को वहां से छुड़ाया गया। 20 साल की सबीना ने कबाड़ी बाजार की नर्क भरी जिंदगी से छुटकारा पाने की आस ही छोड़ दी थी। लेकिन उसकी सूझबूझ और एक युवक के हौसले ने उसे इस जिल्लत भरी जिंदगी से छुटकारा दिला दिया।
बांग्लादेश के बघरा जिले की निवासी 19 वर्षीय युवती की शादी हो चुकी थी। उसका एक साल का बेटा भी था। करीब डेढ़ साल पहले युवती अपनी सहेली के साथ घूमने निकली थी। अंधेरा होने के चलते वह तारापुरा बॉर्डर के पास रास्ता भटक गई। यहां एक दलाल युवती को घर पहुंचाने की बात कहकर मुंबई ले गया। उसने युवती को मुंबई में बेच दिया।
यहां वेश्यावृति कराई गई जिसके बाद उसे दिल्ली के कोठे पर बेचा गया। यहां से दलाल ने उसे मेरठ में कबाड़ी बाजार में एक कोठे पर बेच दिया। इस दौरान युवती को तीन बार बेचा और खरीदा गया। तबसे कबाड़ी बाजार स्थित गंगा थापा के कोठे पर उससे देह व्यापार कराया जा रहा था।
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक के अनुसार युवती को सीधे थाना एएचटीयू ले जाया गया। जहां से उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। एसपी क्राइम के अनुसार युवती को इस बात से भी अनजान रखा गया था कि वह हिंदुस्तान के किसी कोठे पर है।