नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देशभर में अलग- अलग स्थानों पर बृहस्पतिवार सुबह से ही प्रदर्शन हो रहा है। जहां उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारी बवाल हुआ है तो वहीं संभल में प्रदर्शनकारियों ने एक रोडवेज बस को फूंक डाला। बमुश्किल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों खदेड़ा। आइए अब जानते हैं पश्चिमी यूपी के जिलों में हालात कैसे है। अगली स्लाइडों में तस्वीरों के साथ जानिए-
नागरिकता कानून: पढ़िए- पश्चिमी यूपी के जिलों में कैसे हैं हालात, मेरठ समेत चार शहरों में इंटरनेट बंद
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मेरठ में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद
लखनऊ में हुए भारी बवाल को देखते हुए मेरठ में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता है। इसलिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात है। कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम, आईजी आलोक कुमार, डीएम अनिल ढींगरा, एसएसपी अजय साहनी, एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नायारण सिंह समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुलिस फोर्स के साथ हापुड़ अड्डा से भूमिया पुल तक फ्लेग मार्च किया। इस दौरान अधिकारियों नें लोगों से शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
मुजफ्फरनगर में इंटरनेट सेवा बंद के साथ प्रशासन चौकन्ना
मुजफ्फरनगर शहर में प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने की कोशिश की। आला अधिकारियों ने जगह- जगह फ्लैग मार्च किया और लोगों से शहर में शांति बनाए रखने की अपील की। मुजफ्फरनगर में भी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है।
वहीं नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में समाजवादी पार्टी द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बागोवाली व बझेड़ी के मदरसों से भी बड़ी संख्या में छात्रों को बुलाया गया था, जो प्रदर्शन के बीच से ही लौटकर चले गए। गुस्साए छात्रों ने पार्टी दफ्तर पर हाथ में लिए गए कागज के बैनर फाड़ने के साथ ही महावीर चौक पर सपा की टोपियां भी फेंक दी।
शामली में सपा कार्यालय पर प्रदर्शन
वहीं पश्चिमी यूपी के शामली जिले में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सपाइयों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन की कोशिश की। प्रशासन के अनुमति नहीं देने पर सपाइयों ने दिल्ली- हाईवे पर अपने कार्यालय पर ही प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम और सीओ सदर समेत भारी पुलिस और पीएसी बल यहां जमा रहा। सपाइयों ने राष्ट्रगान के बाद अपना 18 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को दिया।
उधर, कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने जा रहे कई युवकों को हिरासत में लिया गया। ये खुद को पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया के कार्यकर्ता बता रहे थे। थानाभवन में भी सपा के शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन को जा रहे 31 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं कैराना में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर चार ग्रुप एडमिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें से एक को हिरासत में ले लिया गया। जिले में इस कानून को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलने की आशंका के चलते जिला प्रशासन ने दोपहर तीन बजे से इंटरनेट सेवाएं बंद करा दी। डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि शुक्रवार मध्यरात्रि तक इंटरनेट बंद रहेगा।
बागपत में सरकार के खिलाफ सड़क पर सपाई, पुलिस से नोकझोंक
नागरिक संशोधन कानून समेत 18 मांगों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी और धरना प्रदर्शन किया। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी और अर्जुन अवार्डी पहलवान शोकेंद्र तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ता सपा कार्यालय से नारेबाजी करते हुए राष्ट्रवंदना चौक के लिए निकले तो पुलिस ने रोक लिया। सोनीपत बस स्टैंड पर आधे घंटे तक सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। सड़क पर सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। इस दौरान हंगामे की स्थिति रही। एडीएम ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को मनाया। स्टैंड पर ही 18 सूत्री मांगपत्र एडीएम को सौंपा।