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वतन वापसी की जद्दोजहद: धमाकों के बीच फंसे मेरठ के लाल, भूखे-प्यासे बच्चों के हालात देख टूट रहा परिजनों का सब्र, छलकी आंखें

Mon, 28 Feb 2022 04:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 28 Feb 2022 04:55 PM IST
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Russia-ukraine war: Struggling to return home: Seeing the condition of the red
ukraine - फोटो : अमर उजाला

इवानो के फ्रेंकिवस्क मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के छात्र स्नेहाशीष मालाकर यूक्रेन में रोमानिया बॉर्डर पर 24 घंटे फंसे रहे। माइनस 6 डिग्री तापमान में करीब 15 सौ छात्रों के साथ खुले आसमान में रात गुजारने को मजबूर हो गए। रोहटा रोड सरस्वती विहार में उनके परिजनों को रातभर यह बात सताती रही। पिता संतु मालाकर बोले हम तो सुकून से रजाई और कंबलों में थे, लेकिन हमारे बच्चे माइनस 6 डिग्री तापमान में रात गुजार रहे हैं। अब तो सब्र टूटता जा रहा है। 

Russia-ukraine war: Struggling to return home: Seeing the condition of the red
ukraine - फोटो : अमर उजाला

पिता संतु मालाकर ने बताया स्नेहाशीष के मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई है, जिससे नेटवर्क नहीं मिल पा रहा है। उसके दोस्त के फोन से बात हुई है, भारतीय समयनुसार वो अपने साथियों के साथ रोमानिया में प्रवेश कर गए हैं। जबकि बस से रोमानिया एयरपोर्ट के लिए निकल गए हैं। जहां तक पहुंचने में करीब 9 घंटे लगेंगे।

सोमवार शाम तक फ्लाइट मिलेगी, जबकि मंगलवार तक ही छात्र भारत पहुंच पाएंगे। पिता ने बताया रातभर जागकर काट रहे हैं, बच्चों की फिक्र ने तोड़ दिया है। उन्होंने सुबह भारतीय दूतावास से संपर्क साधा, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिससे बच्चों की फिक्र ज्यादा बढ़ गई है। दोपहर में रोमानिया में प्रवेश होने के बाद थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अधिकतर छात्र अभी भी बॉर्डर और आवासों पर फंसे हुए हैं।

Russia-ukraine war: Struggling to return home: Seeing the condition of the red
यूक्रेन में फंसे इजहार त्यागी और खुशी बालियान - फोटो : अमर उजाला

प्रियांशु ने बंकरों की हालात की वीडियो भेजी
मलियाना निवासी प्रियांशु प्रभारक मैैकोलिव सिटी में फंसे हैं, वो बंकरों में साथी छात्रों के साथ छिपे हैं। रविवार को उन्होंने वीडियो जारी कर हालात बयां किए। जिसमें वो बता रहे हैं बंकरों में छात्रों की अधिक संख्या होने के कारण सोने की जगह भी नहीं है। जबकि खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि बंकरों में लगी खिड़की से बमबारी की रोशनी हो रही है। जिससे छात्रों में खौफ व्याप्त है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मदद करने की अपील की है।

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ukraine - फोटो : अमर उजाला

देशभक्ति गीतों के साथ बस बढ़ी एयरपोर्ट की ओर
स्नेहाशीष ने एक गाड़ी की वीडियो भेजी है, जिसमें रोमानिया में बस से एयरपोर्ट जा रही है। बस में देशभक्ति गीत संदेशे आते हैं चल रहा है। छात्र बस में अच्छे मूड से आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि एयरपोर्ट पर उन्हें एक मार्च को फ्लाइट मिलेगी। परिवार ने सरकार से प्रतिदिन फ्लाइट की सुविधा देने की मांग की है। 


 
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यूक्रेन से वापस लौटे छात्र राष्ट्रीय ध्वज के साथ - फोटो : अमर उजाला

रोमानिया पहुंचे शारिक, अभी अहतेशाम यूक्रेन में
मवाना के खलील चौक निवासी मोहम्मद शारिक युक्रेन के कीव शहर से वो सुरक्षित रोमानिया पहुंच गए हैं। जहां से वो बस से रोमानिया के एयरपोर्ट के लिए निकल गए हैं। पिता मौ. इकरार ने बताया शनिवार की शाम उनकी बेटे से बात हुई थी। उसने बताया बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंच गया है। वहीं मोहल्ला तिहाई निवासी अहतेशाम यूक्रेन में फंसे हैं।

पिता डॉ. खालिद ने बताया बेटे ने फोन पर बताया दूतावास से कागजात आदि नहीं मिल पाने के कारण उन्होंने आगे नहीं जाने दिया। उनके पास खाने पीने की चीजे भी समाप्त हो चुकी हैं। पूरा परिवार चिंता में डूबा है। अहतेशाम ने वीडियो और ऑडियो भेजी  है, जिसमें बॉर्डर पर भारतीयों के साथ हंगरी पुलिस मारपीट कर रही है।

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