मेरठ से सटे सरधना में स्थित ऐतिहासिक रोमन कैथलिक चर्च जिसको बेगम समरू द्वारा बनवाया गया था वह अपने दो सौ एक साल पूरे चुका है। यह चर्च श्रद्धालुओं की आस्था, भव्यता और कला के बेजोड़ नमूूने को संजोए हुए है। बीते दो सौ साल से इस चर्च को ईसाई धर्म के लोग कृपाओं की माता मरियम का तीर्थस्थान मानते हैं।
UP: 200 वर्ष पुराने इस चर्च में है माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर, हर मुराद करती है पूरी
ऐतिहासिक और चमत्कारी रोमन कैथोलिक चर्च जहां पर हर साल दुनिया भर से विभिन्न जाति-धर्मों के लोगों को माता मरियम और प्रभु यीशु की आस्था खींच लाती है। इस खूबसूरत और भव्य चर्च का निर्माण एक ताकतवर मुस्लिम महिलाओं में शुमार महारानी बेगम समरू ने कराया था।
बेगम समरू के द्वारा बनवाए गए इस चर्च को पोप जॉन 23वें ने 1961 में माइनर बसिलिका का दर्जा दिया था। खास बात यह है कि ऐतिहासिक और भव्य गिरिजाघरों को ही यह दर्जा प्राप्त होता है।
बेगम समरू ने जब यह गिरजा घर बनवाया था तो उनकी इच्छा थी कि वे इस पाक इमारत को प्रभु यीशु की मां मरियम की शान में समर्पित करें। मगर उन्होंने कभी यह ख्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि माता मरियम की इज्जत यहां इस तरह होगी। सरधना के ऐतिहासिक चर्च में कृपाओं की माता की वह तस्वीर मौजूद है जिसे चर्च की सबसे बड़ी शान कहकर पुकारते हैं।
चर्च के निर्माण में लगा था 11 वर्ष का समय
इस चर्च को बनने में करीब 11 वर्ष का समय लगा था। चर्च के निर्माण में कई सौ कलाकार लगे थे और इसका निर्माण का कार्य वर्ष 1809 में शुरू हुआ था। इस ऐतिहासिक चर्च के खास दरवाजे पर इमारत के बनने का वर्ष 1822 दर्शाया गया है। चर्च की खास बात हैं यहां मौजूद माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर। बताया जाता है कि इस तस्वीर के सामने सच्चे दिल से प्रार्थना करने पर हर मुराद पूरी होती है।
यहां मौजूद है माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर
बताते हैं कि इस चमत्कारिक तस्वीर को इंग्लैंड से लाया गया था। मान्यता है कि तस्वीर को जिस दिन चर्च में स्थापित किया गया उसी एक महिला ने यहां अपने बीमार बच्चे के साथ प्रार्थना की। इसके बाद महिला का बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो गया तभी से यहां यह चमत्कारिक तस्वीर श्रद्धालुओं पर कृपा बरसाती हैं।