सड़क सुरक्षा सप्ताह में मेरठ के 4198 लोगों ने यातायात नियम तोड़ने पर 7,75,500 रुपये जुर्माना चुकाया फिर भी वाहन चलाने के अंदाज में सुधार नजर नहीं आया। रविवार को जगह-जगह आम लोगों के साथ पुलिसकर्मी भी बिना हेलमेट नजर आए। वहीं, ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए सारे दावे खोखले साबित नजर आए। ऐसे ही नियम को ताक पर रखने वाले लोगों को सबक सिखाने के लिए अमर उजाला ने पड़ताल की और शहर भर में अधिकतर लोगों को नियमों का पालन नहीं करते हुए पाया।
मेरठ में वर्दी का रौब: बिना हेलमेट के निकलते हैं पुलिसवाले, हमारा कौन काटेगा चालान, गवाह हैं ये तस्वीरें
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शहर में 91 मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस का दावा है कि अभियान के तहत 844 चालकों को नियमों की जानकारी दी गई और 527 वाहनों पर रिफ्लेक्टर भी चिपकाए गए। हालांकि अभियान के सातवें दिन सड़क पर हकीकत उलट ही दिखाई दी। लोग बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाते रहे। न रफ्तार पर काबू दिखा और न ही डग्गामार वाहनों पर लगाम।
चौराहे पर बिखरा तेल, फिसले दोपहिया वाहन चालक
कमिश्नरी चौराहे पर सेल्फी प्वाइंट के सामने ठेला पलटने से काफी मात्रा में तेल गिर गया। इसके चलते एक के बाद एक दोपहिया वाहन चालक फिसलते गए। जो फिसले उनमें से किसी ने भी हेलमेट तक नहीं लगा रखा था। बाद में पुलिस पहुंची और इस तेल के ऊपर मिट्टी डलवाई।
नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ये हुई कारवाई
- जिले में सात दिन में 4198 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
- 2570 चालान बिना हेलमेट वालों के हुए।
- 290 चालान सड़क किनारे वाहन खड़े करने वालों के किए गए।
- 206 के खिलाफ बिना सीट बेल्ट पर एक्शन।
- 186 चालान दोपहिया पर तीन सवारी।
- 813 चालान बिना डीएल वालों के किए।
- 80 पर तेज आवाज करने पर कार्रवाई हुई।
- 65 के खिलाफ गलत नंबर प्लेट पर एक्शन।
- 42 स्कूल बसों का चालान हुआ।
- 11 डग्गामार वाहन सीज हुए।
- 43 वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते पकड़े गए।
- 7 का चालान तेज रफ्तार पर हुआ।
- 36 चालान हूटर लगाने वालों के हुए।
- 14 लोगों के खिलाफ शीशों पर काली फिल्म लगाने पर कार्रवाई हुई।
लगातार करेंगे सख्ती
यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलेगा। लोगों को समझना चाहिए कि एक जरा सी चूक जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। इसलिए हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर लगाएं। रफ्तार काबू में रखें। -जितेन्द्र श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक