मेरठ में अपहृत बेटे की बरामदगी न होने पर पीड़ित परिवार और रिश्तेदारों को कमिश्नरी चौराहे पर आत्मदाह करने का प्रयास करना शनिवार को भारी पड़ गया। काफी देर तक चले इस बखेड़े ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए। किसी तरह पुलिकर्मियों ने पीड़ित परिवार को काबू किया। इसके बाद अपहृत युवक की पत्नी, पिता, सास और दो रिश्तेदारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि देर रात सभी को थाने से ही जमानत दे दी गई। वहीं पीड़ित परिवार रोता हुआ अपने घर पहुंचा। बोला कि बेटा तो मिला नहीं और पुलिस ने उनको ही आरोपी बना दिया।
यूपी: लापता बेटे के परिजनों ने कमिश्नरी चौराहे पर किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस के छूटे पसीने
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यह मामला जानी थानाक्षेत्र का है। मोदीपुरम फेज-1 निवासी सन्नी (24) पुत्र लाभ सिंह को पांच मई की सुबह 7:30 पर तीन दोस्त राहुल, सलमान और सुकरमपाल भोला झाल ले गए थे। तीनों दोस्त शराब के नशे में धुत होकर अपने घर लौट आए। लेकिन सन्नी नहीं आया।
सन्नी के परिजनों ने तीनों युवकों से उसक न लौटने का कारण पूछा। लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद जानी थाने में सन्नी के अपहरण का केस दर्ज कराया। जानी पुलिस ने तीनों युवकों से पूछताछ की। लेकिन सन्नी का कोई पता नहीं लगा।
थाना पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित परिवार असंतुष्ट है। गुरुवार को पीड़ित परिवार पुलिस अधिकारियों से मिले, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शनिवार सुबह पीड़ित परिवार के घर पर मीटिंग हुई। जिसमें परिवार के लोगों के साथ उनके रिश्तेदार भी शामिल थे।
परिजनों में सहमति बनी कि कमिश्नरी चौराहे पर हंगामा कर सन्नी को बरामद करने की मांग करेंगे। इसकी दौरान उन्होंने बोतलों में केरोसिन भी ले लिया। कमिश्नरी चौराहे पर सन्नी की पत्नी पूजा, सास रेखा, रिश्तेदार मूर्ति, पिता लाभ सिंह, अनिल कुमार समेत करीब 75 लोग पहुंचे।