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हालत खस्ता: तिरपाल लगी बसों के भरोसे रक्षाबंधन अभियान, अधिकारी लापरवाह

Wed, 29 Jul 2020 11:20 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 29 Jul 2020 11:20 PM IST
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Rakshabandhan campaign relies on tarpaulin buses, officials doing negligence
रोडवेज बस की खस्ता हालत - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में यात्री संकट से जूझ रहा रोडवेज खटारा बसों के सहारे रक्षाबंधन अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। अनुबंधित बसों को हालात इतनी खराब है कि यात्रियों को बारिश से बचाने के लिए बस की छत पर तिरपाल लगाई गई है। अंदर से भी बस जर्जर हो चुकी हैं। 


 
Rakshabandhan campaign relies on tarpaulin buses, officials doing negligence
रोडवेज बस की खस्ता हालत - फोटो : अमर उजाला
धुलाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। सवाल उठता है कि अधिकारी इन खटारा बसों को संचालित करने की परमिशन किस आधार पर दे रहे हैं। रोडवेज बृहस्पतिवार से रक्षाबंधन अभियान शुरू करने जा रहा है। अधिकारियों ने इसके लिए लंबे रूटों पर 100 अतिरिक्त बस और लोकल रूटों पर चल रही बसों के 200 फेरे बढ़ाये जाने का निर्णय लिया है।

 
Rakshabandhan campaign relies on tarpaulin buses, officials doing negligence
रोडवेज बस की खस्ता हालत - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला टीम ने बुधवार को भैसाली बस अड्डे पर पहुंचकर बसों की दशा देखी तो अनुबंधित बसों का बुरा हाल मिला। बड़ौत काउंटर पर खड़ी भैसाली डिपो की बस संख्या यूपी 15 डीटी-1617 की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यात्रियों को बारिश से बचाने के लिए बस ऑपरेटर ने छत की मरम्मत कराने की बजाय तिरपाल लगवा दी है।

 
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Rakshabandhan campaign relies on tarpaulin buses, officials doing negligence
रोडवेज बस की खस्ता हालत - फोटो : अमर उजाला
पीले रंग की तिरपाल लगी बस रोडवेज के लचर प्रबंधन की पोल खोल रही है। इसके अलावा गाजियाबाद डिपो की बस संख्या यूपी 17टी-8762 पीछे से क्षतिग्रस्त मिली। बस की एक लाइट भी टूटी है। भैसाली डिपो की बस संख्या यूपी 11टी- 7287 की छत भी जर्जर मिली।

 
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Rakshabandhan campaign relies on tarpaulin buses, officials doing negligence
रोडवेज बस की खस्ता हालत - फोटो : अमर उजाला
जर्जर बसों को संचालन की अनुमति क्यों?
बसों की कमी के चलते रोडवेज में निजी बस ऑपरेटरों की बसें अनुबंध के आधार पर चल रही है। विभाग ने इसके लिए एक नीति बना रखी है, जिसमे ऑपरेटर पूरी तरह सही हालत की बस देगा और उसकी रोज धुलाई कराकर ही संचालन के लिए डिपो भेजेगा। बस में होने वाली टूटफूट ठीक कराने के लिए हर 20 दिन बाद एक दिन का बस रेस्ट लेगा। लेकिन इन नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। इसके बावजूद अधिकारी इन बसों को संचालित करा रहे हैं। 
 
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