शहीद प्रशांत शर्मा का पार्थिव शरीर रविवार सुबह घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। इस दौरान अपने लाल का चेहरे देख मां बेहोश हो गई। प्रशांत की मां और मंगेतर का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं शहीद की अंतिम यात्रा में 'जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रशांत तेरा नाम रहेगा' और पाकिस्तान मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाए गए। अगली स्लाइडों में देखिए तस्वीरें-
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शहीद की अंतिम यात्रा में जनसैलाब
- फोटो : अमर उजाला
बेटे की शहादत से तीन जिले शोक में डूबे
कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए मातृ भूमि की रक्षा को अपने प्राणों की आहुति देने वाले प्रशांत शर्मा की शहादत से तीन जनपदों में शोक व्याप्त है।
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अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
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मुजफ्फरनगर के अलावा बागपत और मेरठ में भी शोक है। प्रशांत का पैतृक गांव बागपत जनपद का बिजरौल है। उनके पिता शीशपाल चार भाई हैं। करीब 15 साल पहले शीशपाल और उनके बाकी तीनों बड़े भाई रामपाल, राजपाल, ब्रजपाल गांव बिजरौल से आकर शहर में बुढ़ाना मोड़ स्थित खांजापुर गांव में रहने लगे थे। अब एक भाई राजपाल शाहपुर में रहते हैं। प्रशांत का जन्म बिजरौल गांव में हुआ था। पिता शीशपाल वर्ष 2003 में सेना में नायक पद से रिटायर हुए। वो वर्तमान में नरा बिजलीघर पर सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत हैं।
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उमड़ा जनसैलाब
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इसके अलावा कुटुंब के लोग बिजरौल गांव में रहते हैं। प्रशांत की बहन प्रिया उर्फ प्रियंका की शादी मेरठ के मुल्ताननगर में हुई है। जबकि प्रशांत की शादी मेरठ जनपद के अरनावली गांव में छह दिसंबर को होनी थी।
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परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल
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शहीद प्रशांत शर्मा 15 फरवरी को ही एक माह की छुट्टी पर घर आए थे। तब प्रशांत की बड़ी बहन प्रिया की शादी मेरठ मुल्ताननगर निवासी युवक से हुई थी। इसके साथ ही उसी समय प्रशांत शर्मा का रिश्ता भी मेरठ जनपद के गांव अरनावली की युवती से तय हो गया था। छह दिसंबर 2020 की तारीख शादी के लिए निर्धारित की गई थी और पूरा परिवार अब लाडले की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था।