उत्तर प्रदेश के बागपत जिला कारागार में बंदी ऋषिपाल की हत्या के बाद लखनऊ तक हलचल है। शनिवार की रात से ही डीआईजी जेल लव कुमार जिले में डेरा डाले हुए हैं। सोमवार को भी डीजी जेल ने जिला कारागार में गहनता से कई घंटे तक छानबीन की।
जेल में हत्या: बंदियों ने चम्मच घिसकर बनाई थी कट्टन, छिपाए हुए थे सरिए, डीआईजी जेल ने दूसरे दिन भी की गहन जांच
बता दें कि बसी गांव के ऋषिपाल (46) की शनिवार को जिला कारागार की बैरक संख्या 22 में घुसकर सरिये और धारदार कट्टन से वारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप सजायाफ्ता बबलू काठा और उसके पांच साथियों पर लगा है।
जेल में पहले मुन्ना बजरंगी और अब ऋषिपाल की हत्या के बाद लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। डीआईजी जेल लव कुमार मामले की जांच करने के लिए शनिवार की देर रात ही जिले में पहुंच गए थे।
रविवार की सुबह करीब 11 बजे जिला कारागार पहुंचकर वारदात की जांच की। उन्होंने बंदी रक्षकों, जेल अधीक्षक सुरेश कुमार से जानकारी ली। इसके अलावा बंदियों और मुख्य आरोपी बबलू से भी जानकारी जुटाई।
सोमवार दोपहर को भी डीआईजी जेल लव कुमार द्वारा इसी क्रम में गहन जांच पड़ताल की गई। जेल प्रशासन के सामने झगड़ा दोपहर के समय ही पहुंच गया था, ऐसे में चूक कैसे हुई? इस पर डीआईजी ने कहा कि वह जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। इसमें जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कारागार ही नहीं यूपी में स्टाफ की कमी: डीआईजी
स्टाफ की कमी के सवाल पर डीआईजी जेल लव कुमार ने कहा कि बागपत जेल में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में कारागारों में अपेक्षित संख्या के अनुरूप स्टाफ नहीं है।
बागपत के विषय में मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के बाद से ही शासन को जानकारी जेल अधिकारियों ने दी थी, जिसके बाद कुछ स्टाफ यहां भेजा गया था। अब भी स्टाफ की कमी है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। शासन स्तर पर मामला है। वर्तमान में जो भी स्टाफ है, उससे ही बेहतर तरीके से काम लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
16 अप्रैल को बसी गांव के ऋषिपाल (46) और पूर्व प्रधान ओमपाल पक्ष के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें ऋषिपाल, उसका पिता सत सिंह और नौकर अमित जौनमाना भी जेल गए थे। जेल में पहले से बंद काठा गांव के बबलू कश्यप और ऋषिपाल को बैरक नंबर 21 में रखा गया था। शनिवार दोपहर को ऋषिपाल की बबलू कश्यप के साथ कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद दोनों को अलग- अलग बैरक में बंद कर दिया गया।
हत्या से पहले निपटा दिया था झगड़ा
शाम चार बजे के लगभग ऋषिपाल अपने नौकर के साथ बैरक से बाहर निकला तो बबलू कश्यप ने अपने साथियों के साथ मिलकर चम्मच के चाकू से उन पर हमला कर दिया। ऋषिपाल को बचाने में घायल हुए उसके पिता सतसिंह और एक अन्य को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि अमित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।