दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर अराजकता के बाद सोशल मीडिया पर गाजीपुर बॉर्डर चर्चा का विषय बन गया है। अब किसानों के पक्ष में पोस्ट डाली जा रही हैं। पुलिसकर्मी भी किसान आंदोलन के समर्थन में पोस्ट डाल रहे हैं। इससे सरकारी मशीनरी में खलबली मच गई है। आला पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर साइबर सेल ने इसकी मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।
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ट्रैक्टर ट्राॅलियां लेकर जाते किसान
- फोटो : amar ujala
शुक्रवार और शनिवार को सोशल मीडिया पर किसानों के समर्थन में आम जनता ही नहीं, पुलिस वाले भी आ गए। कई पुलिस वालों ने अपने फेसबुक अकाउंट से भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत से बात कर उनको समर्थन देने का कहा है।
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महापंचायत में दिखाए पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
जिले में कार्यरत कई पुलिसकर्मियों ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर गाजीपुर बॉर्डर में बैठे किसानों और मुजफ्फरनगर महापंचायत की डीपी भी लगा ली है। इनके स्क्रीनशॉट अमर उजाला के पास हैं। इन पुलिसकर्मियों से बात भी की गई लेकिन उन्होंने अपनी नौकरी का हवाला देकर प्रकाशित नहीं करने का अनुरोध किया।
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महापंचायत में बोलते नरेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
किसान महापंचायत ने किसानों में भरा जोश
कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर धरने पर बैठे पर भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के रोने का वीडियो वायरल होने तथा महापंचायत में उमड़ी भीड़ ने तहसील क्षेत्र के देहात में किसानों और युवाओं में जोश भर दिया है।
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किसान आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
कई स्थानों से किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर गाजीपुर धरने की ओर रवाना हुए। गठवाला खाप के गांव फुगाना से किसान ट्रैक्टर ट्राली से धरने में शामिल होने के लिए रवाना हुए। गांव जौला लोई तथा भाकियू कार्यालय बुढ़ाना से भी किसानों के जत्थे गाजीपुर धरने की और रवाना हुए।
भाकियू के बुढ़ाना कार्यालय पर हुई मीटिंग के बाद क्षेत्र के कई गांवों के किसान अपने-अपने ट्रैक्टर से भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष संजीव पंवार के नेतृत्व में गाजीपुर बॉर्डर की ओर रवाना हुए।