मेरठ के खैरनगर में मासूम मेराब और कोनेन की हत्या में आरोपी पूर्व पार्षद सऊद फैजी, शाद और आरिफ को मंगलवार रिमांड पर लेने के बाद विवेचक अपराध निरीक्षक बीके त्रिपाठी ने क्राइम सीन दोहराया। इसके लिए वह आरोपियों को गंगनहर के अटेरना पुल पर पहुंचे।
यहां आरोपियों ने बताया कि बच्चों के शव यहीं पर फेंके गए थे। इनमें मेराब का शव तो पहले ही मिल गया था, लेकिन कोनेन के शव का कुछ पता नहीं चला है। उसकी तलाश में पुलिस आरोपियों के साथ करीब पांच घंटे तक गंगनहर पटरी सहित अन्य क्षेत्रों में घूमती रही। लगभग 50 किलोमीटर का क्षेत्र कवर किया गया। इसके बावजूद कुछ पता नहीं चला।
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नहर में तलाश जारी।
- फोटो : अमर उजाला
देहलीगेट थाना प्रभारी ऋषि पाल सिंह ने बताया कि 23 मार्च की रात खैरनगर निवासी शाहिद बेग की पत्नी निशा और उसके प्रेमी पूर्व पार्षद सऊद फैजी पड़ोसी साद, आरिफ, महिला मुसर्रत पत्नी महताब और कोसर पत्नी अफसर ने तंत्र-मंत्र और प्रेम-प्रसंग के चलते मेराब और कोनेन की हत्या कर शव गंगनहर में फेंक दिए थे।
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बच्चों की हत्या का मामला।
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इस घटना का खुलासा होने पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दो दिन बाद पुलिस ने बेटे मेराब का शव गंगनहर से बरामद कर लिया था। शाहिद बेग ने बेटी कब्र पर ही पत्नी निशा को तीन तलाक दिया था।
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मेरठ में बच्चों की हत्या का मामला।
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सीओ कोतवाली अमित कुमार राय ने बताया कि मंगलवार को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने आरोपी क्राइम सीन अटरेना पुल पर ले गई। यहां भोला झाल, पूठ खास और नानू गंगनहर तक शव की तलाश की गई।
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आरोपी पूर्व पार्षद।
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हाईकोर्ट तक नि:शुल्क केस लड़ेंगे : अधिवक्ता रामकुमार
इस मामले में अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने बताया कि खैरनगर प्रकरण में वादी शाहिद बेग का केस नि:शुल्क लड़ेंगे। हाईकोर्ट तक मजबूत पैरवी कर आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।