मेरठ में बीती 20 दिसंबर को हापुड़ अड्डा चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल था। पुलिस अफसर हाथों में असलहे लेकर भीड़ के आक्रोश से दो चार हो रहे थे। वहीं शुक्रवार को उसी चौराहे पर पुलिस अफसर हाथों में फूल लेकर अमन का पैगाम बांटते दिखे। नतीजा यह रहा है कि पूरा दिन शांति से गुजर गया।
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पुलिस अधिकारियों के साथ सेल्फी लेते मुस्लिम लोग
- फोटो : अमर उजाला
उपद्रव तो दूर की बात, किसी ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध तक नहीं किया। लोग पुलिस अधिकारियों के साथ सेल्फी लेते रहे।
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पुलिस अधिकारियों ने फेल देकर की शांति की अपील
- फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद बवाल हुआ। इसमें उपद्रवियों ने पुलिस और प्रशासन पर पथराव व गोलियां चलाईं। पांच लोगों की जान चली गई। कई लोग घायल हुए। करीब एक करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ।
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शहरकाजी से बात करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बीते जुमे की नमाज पर हुई गलती को याद कर इस बार पुलिस सरकारी असलहों की जगह फूलों से लैस होकर आई। एसपी सिटी, एडीएम सिटी, सीओ और सिटी मजिस्ट्रेट समेत पुलिस फोर्स हाथ में फूल लेकर हापुड़ अड्डे चौराहे पर बैठ गए। पुलिस प्रशासन को इस तरह देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। लोग बोले, साहब 20 दिसंबर को जो हुआ उसका अफसोस है। आप हमें शार्मिंदा मत कीजिए। आज कोई हमारे शहर की फिजा खराब नहीं कर सकता।
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अधिकारियों से बात करते शहरकाजी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को भी मिला मैसेज
शुक्रवार को शांति संदेश देकर मेरठ के लोगों ने भी पुलिस को बड़ा मैसेज दिया। पुलिस प्रशासन के अधिकारी समझ गए कि यह शहर गोलियों की नहीं प्यार की भाषा समझता है। शहर के लोग नहीं चाहते कि मेरठ में बवाल हो।