छेड़छाड़ की घटनाएं रोकने के दावे करने वाले पुलिस प्रशासन को गुरुवार सुबह की घटना ने आइना दिखा दिया। हाईवे पर करीब पांच किलोमीटर तक खुलेआम शोहदे युवती को नोचते रहे। लेकिन कंकरखेड़ा पुलिस रास्ते में कहीं नजर नहीं आई, जबकि पुलिस अफसर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को देखते हुए सतर्कता बरतने के दावे करते रहे।
पिता को देखते ही फफक कर रो पड़ी छेड़छाड़ पीड़ित युवती, बोली- इससे तो मर जाना ही बेहतर है
थाने में बैठी कांपती रही पीड़ित युवती
मेरठ के कंकरखेड़ा में गुरुवार को एक ऑटो चालक और उसके दोस्त ने मिलकर युवती से चलते ऑटो में दुष्कर्म का प्रयास किया। जैसे-तैसे युवती दरिंदों के चंगुल से निकली। वहीं भीड़ ने हैवानियत करने वाले आरोपियों की जमकर धुनाई कर दी। वारदात के एक घंटे पुलिस मौके पर पहुंची। थाने में बैठी पीड़ित युवती इतनी दहशत में थी कि कांपते हुए बोली, इससे तो मर जाना ही बेहतर है।
पुलिस नहीं गंभीर
मौके पर पहुंचे परिजनों ने कहा कि बेटियों के साथ रोजाना हो रही छेड़छाड़ व दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर भी पुलिस गंभीर नहीं है। सूचना देने के बाद एक घंटा देरी से पुलिस मौके पर पहुंची। गनीमत है कि इस दौरान हाईवे से गुजर रहे लोग मौके पर पहुंच गए और उनकी बेटी को बचा लिया। वरना पता नहीं उनकी बेटी के साथ क्या अनहोनी होती।
पिता को देखते ही फफककर रो पड़ी
अपने साथ हुई घटना को लेकर युवती इस तरह दहशत में थी कि काफी देर परिजनों से भी बात नहीं की। थाने में बैठी कांपती रही। परिजनों ने किसी तरह उसे हिम्मत बंधाई तो उसने पुलिस को आपबीती सुनाई। बेटी सहमी हुई थाने में बैठी तो पिता भी फफक पड़ा। पीड़ित युवती को कई जगह चोट लगी थी।
नहीं लगाई गंभीर धाराएं
पीड़िता के परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने उनकी बेटी से सोने की अंगूठी, मोबाइल व पर्स लूट लिया। जो पुलिस बरामद भी नहीं कर पाई है। बावजूद इसके पुलिस ने मामले में लूट के बजाय चोरी की धारा लगाई है। आरोपियों ने ऑटो जंगल में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती की। लेकिन पुलिस ने छेड़छाड़ की ही धारा लगाई है। वहीं, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा बीपी राणा का कहना है कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई है।