मेरठ में बुधवार को आईजी ऑफिस पर एक युवक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया तो खाकी की काली करतूत सामने आई। परिजनों ने आरोप लगाया कि खरखौदा पुलिस ने उनके बेटे को अवैध रूप से हिरासत में लेकर थाने में बैठाए रखा, जबकि एक सिपाही ने उसकी बाइक में तमंचा रख दिया। सिपाही की तमंचा रखते घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।
खाकी शर्मशार: रात भर IG ऑफिस पर गिड़गिड़ाती रही बहन, तमंचा रखकर भाई को फंसाना चाहती थी पुलिस, अब खुद फंस गई
मेरठ से सटे खरखौदा के खंदावली गांव निवासी शिक्षक अंकित त्यागी (26) के परिजनों ने खरखौदा पुलिस पर बाइक में तमंचा रखकर झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया। शिक्षक को पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर लिया। शिक्षक के परिजनों ने खरखौदा पुलिस के खिलाफ जांच की मांग को लेकर आईजी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
अंकित पर कार्रवाई होते ही रात को महिलाएं बच्चों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गईं। बुधवार सुबह भी लोगों ने हंगामा किया। आईजी ने एसएसपी को प्रकरण की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी। एसएसपी के निर्देश पर एसपी देहात कमलेश बहादुर ने गांव जाकर मामले की जांच की। प्रथम दृष्टता सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर एसएसपी ने सिपाही दिनेश कुमार और संतोष कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
क्षेत्र के खंदावली गांव निवासी किसान अशोक त्यागी का परिवार के लोगों से जमीन का विवाद चल रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि दूसरे पक्ष से मिलकर पुलिस अशोक के परिवार का उत्पीड़न कर रही है। मंगलवार रात खरखौदा पुलिस उनके घर पहुंची, पहले पुलिस कर्मियों ने बाइक की जांच की तो कुछ नहीं मिला। अशोक का बेटा अंकित बाहर चला गया तो एक पुलिसकर्मी आया और उनके बेटों को फंसाने के इरादे से पुलिसकर्मी ने उसकी बाइक के बैग में तमंचा रख दिया।
इसके बाद पुलिसकर्मी अशोक के बेटे अंकित को हिरासत में लेकर बाइक के पास ले गए। बाइक से तमंचा बरामदगी दिखाकर पुलिस अंकित को थाने ले गई, आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया।
अंकित मेरठ के प्रतियोगी संस्थान में शिक्षक है। पूरी घटना गैलरी में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। परिवार के लोगों का आरोप है कि तमंचा पुलिसकर्मी लेकर आया और बाइक में रखकर झूठे मुकदमे में फंसा दिया।
बहन का आरोप, पुलिस ने थाने में दिया धक्का
आईजी कार्यालय पर अपने छोटे बच्चे के साथ पहुंची अंकित की बहन ने रोते हुए बताया कि वे रात को थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उसे धक्का दे दिया। जिससे उसके पैर में गंभीर चोट लग गई। बेटे को बुखार होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया।