मौसम में बढ़ती प्रदूषण की मात्रा और समय से पहले कोहरे की दस्तक से मौसम की चाल बदल गई है। दिन में धुंध का असर भी कम नहीं हुआ। कोहरा और धुंध से दिन में ही अंधेरा छा गया। वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी।
जहरीली धुंध : लोगों को सांस लेना हुआ मुश्किल, देखिए तस्वीरें
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एनसीआर क्षेत्र में बढ़ रहे प्रदूषण का असर मेरठ तक दिखाई दे रहा है। हरियाणा और पंजाब में जलाई गई पराली और बढ़ते प्रदूषण के असर के चलते मौसम का मिजाज बदल रहा है। इस बार कोहरे ने भी समय से पहले दस्तक दे दी है। सुबह 10 बजे भी ऐसा लग रहा था कि अभी दिन नहीं निकला है। सुबह के समय जहां हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही वहीं शाम को भी दिन छिपने से पहले ही चालकों को लाइट जलानी पड़ी।
कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अक्तूबर में बारिश नहीं हुई, हवा भी शांत चल रही है। बढ़ते डस्ट पार्टिकल और वायमुंडल में बन रही नमी के चलते धुंध और कोहरे का असर बना हुआ है। प्रदूषण बढ़ने का असर मौसम पर साफ दिख रहरा है। इस समय चल रहा मौसम ठीक नहीं है। तीन चार दिन तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा।
पीएम-10 का स्तर 500 पर पहुंचा
एक मनुष्य दिनभर में औसतन 20 हजार सांसें लेता है। वायुमंडल में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन-डाई-ऑक्साइड, कार्बन-मोनो-ऑक्साइड आदि गैसें निश्चित अनुपात में रहती हैं। इस अनुपात के बिगड़ने पर वायुमंडल अशुद्ध होता है, जो इंसान के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रहा है। हवा को दूषित करने वाले कार्बन-डाई-ऑक्साइड, कार्बन-मोनो-ऑक्साइड, नाइट्रोजन-ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन, धूल मिट्टी के कण आदि हैं। इनकी वायु में अधिकता लोगों को बीमार कर रही है।
प्रदूषण और जहरीली गैसों का मिश्रण
मंगलवार तड़के से ही शहर में जमा स्मॉग कई तरह के प्रदूषण के कणों व जहरीली गैसों के मिश्रण से बना है। इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मौसम विभाग की मानें तो यह स्थिति दो दिन तक रहेगी। दरअसल, वाष्पन प्रक्रिया के चलते भारी व दूषित कण पानी के साथ मिलकर स्मॉग का रूप ले रहे हैं। भारी होने से यह सतह से ज्यादा ऊंचाईं तक नहीं जा पाते है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की मानें तो तेज हवा या बारिश होने से ही प्रदूषण के स्तर में कमी आ सकती है।